जबलपुर। गोहलपुर थाना अंतर्गत रद्दी चौकी क्षेत्र में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक नाले की सफाई के दौरान सेना की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का बम शेल बरामद हुआ। यह स्थान कुख्यात कबाड़ कारोबारी और विस्फोट कांड के मुख्य आरोपी शमीम कबाड़ी के घर के ठीक पीछे स्थित है। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने नाले के भीतर लोहे का एक संदिग्ध और भारी सामान देखा जिसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर सुरक्षा घेरा बनाया और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। विशेषज्ञों द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का खाली खोल है जिसे पुलिस ने तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया है।
सफाई अभियान के दौरान मिली संदिग्ध वस्तु
नगर निगम की टीम सोमवार दोपहर 1 बजे नाले से गाद निकालने का कार्य कर रही थी। इसी प्रक्रिया के दौरान श्रमिकों को एक धातु का बड़ा हिस्सा मिला जो देखने में सैन्य आयुध जैसा प्रतीत हो रहा था। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि जिस स्थान पर यह वस्तु मिली है वह फरार अपराधी शमीम कबाड़ी का निवास स्थल है। बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से मुआयना किया और पुष्टि की कि बरामद वस्तु एक खाली बम शेल है जिसमें वर्तमान में कोई सक्रिय विस्फोटक सामग्री मौजूद नहीं थी। पुलिस अब इस बिंदु पर विस्तृत जांच कर रही है कि इतनी संवेदनशील सैन्य सामग्री आखिर इस तरह खुले नाले में कैसे पहुंची।
खजरी खिरिया विस्फोट कांड का घटनाक्रम
यह पूरा घटनाक्रम 25 मई 2024 को खजरी खिरिया स्थित एक मेटल गोदाम में हुए भीषण धमाकों से जुड़ा हुआ है। उस समय हुए सिलसिलेवार विस्फोटों की गूंज लगभग 10 किमी दूर तक महसूस की गई थी। इस भीषण दुर्घटना में 2 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी और गोदाम पूरी तरह जमींदोज हो गया था। जांच में पाया गया था कि शमीम कबाड़ी के गोदाम में अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री और सैन्य कबाड़ का भारी मात्रा में भंडारण किया गया था। इस घटना के बाद से ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सक्रिय है और आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए के तहत कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की गई है।
मुख्य आरोपी पर घोषित है नकद इनाम
विस्फोट कांड के बाद से ही मुख्य आरोपी शमीम कबाड़ी अपने परिवार सहित फरार है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उस पर पहले 15000 का इनाम घोषित किया था जिसे बाद में बढ़ाकर 30000 कर दिया गया है। हालांकि पुलिस ने इस प्रकरण में त्वरित कार्यवाही करते हुए शमीम के पुत्र फहीम और उसके व्यापारिक साझेदार सुल्तान को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लगभग 2 साल का समय बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका है। सोमवार को हुई इस नई बरामदगी ने पुलिस विभाग को एक बार फिर सतर्क कर दिया है और फरार अपराधी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश तेज कर दी गई है।

