मौत के साये से बचकर लौटी पीड़िता: जबलपुर से राजस्थान तक फैले मानव तस्करी के जाल का पर्दाफाश
जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र में मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहां एक 19 वर्षीय युवती को नौकरी दिलाने और धार्मिक यात्रा का झांसा देकर राजस्थान के कोटा में 2 लाख रुपए में बेच दिया गया। पीड़िता लगभग 4 माह तक आरोपियों के चंगुल में रहने के बाद किसी तरह वहां से भागकर अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता युवती और उसके सहयोगी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
धोखे से उज्जैन ले जाकर बनाया बंधक
घटनाक्रम की शुरुआत करीब 8 माह पहले हुई थी जब पीड़ित युवती ने अधारताल स्थित एक कपड़ों की दुकान पर काम करना शुरू किया था। वहां उसकी मुलाकात जावेद नाम के कर्मचारी से हुई। जावेद ने मेलजोल बढ़ाकर युवती का परिचय अपनी सहेली पूनम से करवाया। पूनम ने युवती को विश्वास में लेकर उज्जैन में महाकाल दर्शन की योजना बनाई। 11 दिसंबर 2025 को पूनम उसे अपने साथ उज्जैन ले गई। वहां पहुंचने के बाद युवती को लगभग 15 दिनों तक एक स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उसे ईश्वर नाम के एक व्यक्ति को सौंप दिया।
राजस्थान के कोटा में 2 लाख में हुआ सौदा
मानव तस्करी के इस जाल में युवती को उज्जैन से ट्रेन के माध्यम से राजस्थान के कोटा ले जाया गया। यहां ईश्वर ने युवती का सौदा पारस नाम के व्यक्ति से 2 लाख रुपए में कर दिया। कोटा पहुंचने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर जबरन एक मंदिर में पारस के साथ विवाह करवा दिया गया। इसके बाद उसे पारस के घर में कैद कर दिया गया जहां उसके साथ लगातार दैहिक शोषण किया गया। युवती लंबे समय तक वहां से निकलने का प्रयास करती रही और अंततः 18 मार्च को मौका पाकर वह कोटा से ट्रेन पकड़कर वापस जबलपुर पहुंचने में सफल रही।
फरार आरोपियों की तलाश हुई तेज
जबलपुर वापस आने के बाद 19 मार्च को पीड़िता अपनी मां के साथ अधारताल थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की और स्थानीय स्तर पर सक्रिय आरोपी जावेद और पूनम को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। अधारताल थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे के अनुसार इस मामले में उज्जैन निवासी ईश्वर और कोटा निवासी पारस अभी भी फरार हैं। पुलिस की विशेष टीमें इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान और उज्जैन रवाना की जा रही हैं। पूर्व में 11 दिसंबर को परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई गुमशुदगी की रिपोर्ट को अब मानव तस्करी और अन्य गंभीर धाराओं में तब्दील कर दिया गया है।
