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जबलपुर:कल से नई गाइडलाइन, कुल 2705 लोकेशनों में से 1254 स्थानों पर पुरानी दरें रहेंगी यथावत

जबलपुर। जिले में अचल संपत्तियों की नई कलेक्टर गाइडलाइन को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत जिले के लगभग 50 फीसदी इलाकों में जमीन और मकानों की कीमतों में 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रशासन द्वारा निर्धारित की गई ये नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी हो जाएंगी। इस निर्णय के बाद अब जिले के संबंधित क्षेत्रों में रजिस्ट्री कराना महंगा हो जाएगा। गाइडलाइन में यह बदलाव मुख्य रूप से उन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया गया है जहां वर्तमान में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं या नई कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है।

-​प्रमुख प्रोजेक्ट पर पड़ेगा व्यापक असर

​जमीन की कीमतों में हुई इस वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव शहर के बाहरी हिस्सों और प्रमुख सड़क मार्गों के आसपास देखने को मिलेगा। रिंग रोड, बिलहरी, तिलहरी मार्ग, नागपुर बायपास और पनागर रिंग रोड मार्ग से सटे इलाकों में जमीन के दामों में उछाल आया है। इसके साथ ही बायपास से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों जैसे तेवर, छीतापार, रैगवां, कटंगी बायपास के गांवों और पनागर बायपास के अंतर्गत आने वाले ग्रामों सहित कटियाघाट में भी कलेक्टर दरें बढ़ा दी गई हैं। इन क्षेत्रों में जमीन की वास्तविक खरीद-बिक्री पहले से ही गाइडलाइन से अधिक दामों पर हो रही थी, जिसे देखते हुए मूल्यांकन में संशोधन किया गया है।

-​लोकेशन वार दरों का ब्यौरा

​वरिष्ठ जिला पंजीयक डा. पवन अहिरवाल के अनुसार जिले में कुल 2705 लोकेशन चिन्हित हैं। इनमें से नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत 1121 और ग्रामीण क्षेत्रों में 1584 लोकेशन आती हैं। कुल लोकेशन्स में से 1366 स्थानों पर 15 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। वहीं जिले की 1254 लोकेशन ऐसी भी हैं जहां पुरानी दरों को ही यथावत रखा गया है और उनमें किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त बाजार की मांग और नए रिहायशी इलाकों के विस्तार को देखते हुए सूची में 35 नई लोकेशन भी शामिल की गई हैं।

-​राजस्व  में दर्ज हुई रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी

​वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन 31 मार्च को पंजीयन कार्यालयों में दस्तावेजों के निष्पादन के लिए भारी भीड़ देखी गई। विभाग ने इस वर्ष आय के निर्धारित लक्ष्य 775 करोड़ को बढ़ाकर 800 करोड़ कर दिया था। वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक विभाग ने कुल 787 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 122 प्रतिशत अधिक रहा है। नई गाइडलाइन लागू होने से आगामी वित्तीय वर्ष में राजस्व प्राप्ति में और अधिक बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में जो रजिस्ट्री प्रक्रियाधीन हैं, उन पर भी 1 अप्रैल से नई दरें ही लागू मानी जाएंगी।

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