नई दिल्ली/जबलपुर। इंडियन रेलवे के लोको पायलट्स ट्रेन ड्राइवर अपनी कई मांगों को लेकर 27 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। लोको पायलट्स लंबे समय से चली आ रही चिंताओं का कोई हल न होने से नाराज हैं। वे असुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर, बहुत ज्यादा प्रशासनिक दबाव, काम के तनावपूर्ण माहौल, लंबी ड्यूटी और बढ़ा हुआ किलोमीटर अलाउंस न मिलने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। जबलपुर रेल मंडल के लोको पायलटों ने इस मुद्दे पर साफ कहा है कि वे एसोसिएशन के साथ हैं। मंडल के कर्मचारी पूरा समर्थन दे रहे हैं।
ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के केंद्रीय उपाध्यक्ष राम शरण ने कहा कि लोको पायलटों के लिए काम की स्थिति बहुत मुश्किल हो गई है। लोको पायलटों को अक्सर नौ घंटे और एक घंटे के तय ड्यूटी नियम से कहीं ज्यादा काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। हालात तब और भी मुश्किल हो जाते हैं जब ट्रेनें कई घंटे लेट चलती हैं, जिससे ड्राइवरों को लंबे समय तक ड्यूटी पर रहना पड़ता है। इतने लंबे समय तक काम करने से ट्रेन ड्राइवरों में तनाव काफी बढ़ जाता है और उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
इन्होंने बताया कि लंबे समय से स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाया जा रहा है। इंडियन रेलवे में लोको रनिंग स्टाफ के करीब 31,000 पद खाली हैं, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर दबाव बढ़ रहा है। इस कमी की वजह से ट्रेन ड्राइवरों को अक्सर मुश्किल से 14 घंटे के आराम के बाद ड्यूटी पर बुलाया जाता है। तय नियमों के मुताबिक, ड्राइवरों को 16 घंटे का आराम मिलना चाहिए। इसके बाद ड्यूटी पर आने से पहले तैयारी के लिए दो घंटे और मिलने चाहिए।
काम के घंटों के अलावा लोको पायलटों को बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों का भी सामना करना पड़ता है। कई लोकोमोटिव रेल इंजन में अभी भी वॉशरूम की सुविधा नहीं है, जिससे लंबी यात्रा के दौरान ड्राइवरों खासकर महिलाओं को बहुत परेशानी होती है। ऐसी स्थिति में ड्राइवरों के पास अक्सर ट्रेन के अगले स्टेशन पर पहुंचने तक इंतजार करने या बीच में असुरक्षित विकल्प खोजने के अलावा कोई चारा नहीं बचता है।
ये हैं परेशानियां
खराब गुणवत्ता और अस्वास्थ्यकर खाने की सुविधाएं
रनिंग रूम की सुविधाओं में रखरखाव की कमी
असुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर और आने-जाने की समस्याएं
बहुत अधिक प्रशासनिक दबाव और काम का तनावपूर्ण माहौल
अनियमित काम, लगातार तनाव के कारण स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर असर
