जबलपुर। जिला प्रशासन द्वारा छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों की सुविधा के लिए इस वर्ष भी भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 25 मार्च 2026 से शुरू होकर 05 अप्रैल 2026 तक शहीद स्मारक गोल बाजार में चलेगा। मेले का मुख्य उद्देश्य शहर के नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी विद्यालयों की पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, स्टेशनरी और अन्य जरूरी शैक्षणिक वस्तुएं रियायती दरों पर उपलब्ध कराना है। इस संबंध में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मेले के सफल संचालन और विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। आयोजन के माध्यम से अभिभावकों के समय और धन की बचत करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि उन्हें अलग-अलग दुकानों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहें:गेहलोत
अपर कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक गेहलोत ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूलों से संबंधित किताबों और यूनिफॉर्म की उपलब्धता स्टॉल्स पर सुनिश्चित की जाए। मेले में प्रतिस्पर्धात्मक मूल्यों पर सामग्री उपलब्ध होने से आम जन को आर्थिक लाभ मिलेगा। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मेला स्थल पर बिजली, पेयजल, स्वच्छता और पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही आगंतुकों के लिए खान-पान के स्टॉल भी लगाए जाएंगे ताकि परिसर में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पुरानी पुस्तकों के लिए रेडक्रॉस सोसायटी की विशेष पहल
इस वर्ष पुस्तक मेले में एक विशेष काउंटर स्थापित किया जाएगा जहां पुरानी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। विद्यार्थी और अभिभावक रेडक्रॉस सोसायटी को बेहद कम शुल्क देकर ये पुस्तकें प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल विशेष रूप से उन जरूरतमंद छात्रों के लिए की गई है जो नई पुस्तकें खरीदने में सक्षम नहीं हैं। जो लोग अपनी पुरानी पुस्तकें दान करना चाहते हैं, वे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त मेले को रोचक बनाने के लिए हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों को अपनी कला दिखाने का मंच मिलेगा। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और होमगार्ड के जवानों की तैनाती रहेगी और भीड़ नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस विशेष कार्ययोजना पर काम करेगी।
अफसरों ने बनाई आयोजन की प्लानिंग
समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में सहायक मेला प्रभारी और जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, जिला कोषालय अधिकारी विनायिका लकरा, नोडल अधिकारी जेएटीसी राजीव मिश्रा और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सौरभ सिंह शामिल हुए। इनके अलावा सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आशीष दीक्षित, प्रभारी अपर आयुक्त मनोज श्रीवास्तव, केंद्रीय विद्यालय के उपायुक्त दिग्गराज मीणा और जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा ने भी अपने सुझाव साझा किए। व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए डाइट प्राचार्य अजय दुबे, विधि प्रभारी कृष्णकांत शर्मा, ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी और खाद्य अधिकारी देवेंद्र दुबे सहित जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों को सौंपे गए कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि 25 मार्च से शुरू होने वाले इस आयोजन में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। प्रशासन का प्रयास है कि इस बार का पुस्तक मेला पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यवस्थित और जन उपयोगी साबित हो।
