जबलपुर। जिले के पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने पुलिस महकमे में कर्तव्य के प्रति लापरवाही और खराब कार्यप्रणाली को लेकर बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के अंतर्गत जहां एक चौकी प्रभारी पर भारी जुर्माना लगाया गया है, वहीं एक थाना प्रभारी को पद से हटाकर अन्य अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किया गया है। एसपी की इस सख्ती से जिले के पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
गंभीर अपराध में धाराएं कम करने पर लगा जुर्माना
रामपुर चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मांडवा टेंडर 1 निवासी इब्राहिम शाह के घर पर 17 फरवरी की रात को हमला हुआ था। इस घटना में क्षेत्र के निवासी करण दाहिया और उसके साथियों ने घर में घुसकर मारपीट की थी और वहां खड़े वाहनों में तोड़फोड़ करने के बाद फायरिंग भी की थी। इस पूरी वारदात के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे, जिसमें आरोपियों की सक्रियता स्पष्ट दिख रही थी। इसके बावजूद रामपुर चौकी प्रभारी महेंद्र जाटव ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय इसे मामूली धाराओं के तहत दर्ज किया था। इस मामले की शिकायत जब पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय तक पहुंची, तो उन्होंने तथ्यों की जांच कराई। जांच में चौकी प्रभारी द्वारा गंभीर मामले को हल्का करने की पुष्टि हुई। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसपी ने सब इंस्पेक्टर महेंद्र जाटव पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। सजा के तौर पर यह दंड राशि एसआई को अपने वेतन से कटवानी होगी और इस विभागीय दंड का उल्लेख उनके सर्विस रिकॉर्ड में भी किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में जताई थी नाराजगी
पुलिस अधीक्षक ने अपराध समीक्षा बैठक में दी गई चेतावनी का पालन न होने पर सिविल लाइन थाना प्रभारी अनूप नामदेव को उनके पद से हटा दिया है। पिछली क्राइम मीटिंग के दौरान एसपी ने नामदेव की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर की थी और उन्हें अगली बैठक तक सुधार करने की हिदायत दी थी। सुधार न होने की स्थिति में उन्हें थाने से हटाकर साइबर सेल भेज दिया गया है।
