जबलपुर. देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुए 78 साल पूरे हो चुका है, किंतु अभी भी जबलपुर में उनके कुछ कानून अमल में लाये जा रहे हैं, जिनमें सुरक्षा संस्थानों की सड़कों का उपयोग करने पर हर साल 24 घंटे का प्रतिबंध लगाना शामिल है। इस बार फिर से आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) ने अपने क्षेत्र की समस्त सड़कों को अगले 24 घंटे तक प्रवेश करने से निषिद्ध कर दिया है.
ओएफके प्रशासन ने इसके लिए बकायदा सार्वजनिक सूचना क्षेत्र में प्रसारित की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि 31 मार्च 2026 की अर्धरात्रि 12 बजे से 1 अप्रैल 2026 की रात 12 बजे (24 घंटे) तक प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयुध निर्माणी खमरिया इस्टेट से आने-जाने वाले सभी मार्ग आमजनों के लिए बंद रहेंगे.
इन्हें ही मिलेगी प्रवेश में छूट
ओएफके प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन 24 घंटों में केवल आपातकालीन सेवाएं जैसे एम्बुलेंस, स्टाफ कारों, स्कूल बसों एवं अग्निशमन को ही प्रवेश की अनुमति होगी. इसके अलावा शेष किसी भी वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं रहेगी.
अन्य सुरक्षा संस्थान भी हर वर्ष लगाते हैं प्रतिबंध
ओएफके ही नहीं बल्कि गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ), व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर (व्हीएफजे) भी हर साल इसी तरह 24 घंटों के लिए अपने क्षेत्र में अपना आधिपत्य दिखाने के लिए इसी तरह आम लोगों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाता है.
आम लोग इसे अंग्रेजों का काला कानून कह रहे
ओएफके प्रशासन के अपने क्षेत्र के रास्तों का उपयोग करने के प्रतिबंध लगाने पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कई लोग इसे अंग्रेजों के समय का थोपा गया काला कानून इस निर्णय को बताते हैं. लोगों का कहना है कि अब वक्त पूरी तरह से बदल चुका है. आबादी तेजी से बढ़ रही है. फैक्ट्री के आसपास के इलाकों के लाखों लोग रोजाना इन मार्गों का उपयोग करते हुए शहर में काम-धंधा करने व अति आवश्यक कार्य से आवागमन करते हैं, ऐसे में इस तरह का प्रतिबंध सुचारू यातायात के लिए आपत्तिजनक है.
