एमपी ट्रांसको का मिशन मोड: सिंहस्थ के लिए तैयार हो रहा है हाईटेक बिजली नेटवर्क
जबलपुर। उज्जैन में आयोजित होने वाले आगामी सिंहस्थ 2028 को लेकर मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन की भव्यता और बिजली की संभावित भारी मांग को देखते हुए पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि सिंहस्थ से संबंधित सभी निर्माण और विस्तार कार्य आयोजन की निर्धारित तिथि से कम से कम 1 वर्ष पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिए जाएं। इस समयसीमा का मुख्य उद्देश्य कार्यों के पूरा होने के बाद उनके तकनीकी परीक्षण और आवश्यक सुधारों के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराना है ताकि मुख्य आयोजन के दौरान किसी भी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।
पारेषण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण हेतु युद्धस्तर पर निर्माण कार्य जारी
प्रबंध संचालक सुनील तिवारी इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित रूप से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गुणवत्ता मानकों के साथ कोई समझौता न करते हुए कार्यों को निर्धारित टाइमलाइन में पूरा किया जाए। वर्तमान में 132 केवी क्षमता वाले चिंतामन सबस्टेशन का निर्माण कार्य धरातल पर प्रारंभ हो चुका है। इसके साथ ही उज्जैन-चंद्रावतीगंज और देपालपुर-चिंतामन के बीच नई ट्रांसमिशन लाइनें बिछाने का काम भी प्रगति पर है। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण त्रिवेणी विहार क्षेत्र में भी विद्युत अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि वहां बिजली का बुनियादी ढांचा सुदृढ़ हो सके।
सब-स्टेशनों की क्षमता वृद्धि और नई लाइनों का बिछाया जा रहा जाल
ऊर्जा की बढ़ती खपत को देखते हुए उज्जैन के 220 केवी शंकरपुर सबस्टेशन में ट्रांसफार्मर की क्षमता को 20 एमवीए से बढ़ाकर 50 एमवीए कर दिया गया है। भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए 400 केवी ताजपुर सबस्टेशन के विस्तार की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इस सबस्टेशन में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने के साथ-साथ नए फीडर भी विकसित किए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री ने विश्वास जताया है कि इन सभी विद्युत परियोजनाओं के समयबद्ध पूर्ण होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को सिंहस्थ के दौरान बिना किसी बाधा के उच्च गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति प्राप्त होगी। इन सुधारों से उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था लंबे समय के लिए सशक्त हो जाएगी।
