जबलपुर/लखनऊ. एमपी के डिंडोरी जिले की एक युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाकर जबलपुर से चित्रकूट एक्सप्रेस से लखनऊ ले जा रहे युवक का बड़ा खुलासा हुआ है। बीच रास्ते में युवती से कोच अटेेंडेंट ने छेडख़ानी कर दी, जिसकी शिकायत टीटीई व जीआरपी से की गई तो पता चला कि युवक लव जिहाद करके युवती को ले जा रहा था और अपने आप को सीआरपीएफ में कमांडेंट बताया था.
बताया जाता है कि यूपी के बलरामपुर में रहने वाले मुस्लिम युवक ने खुद को सीआरपीएफ कमांडेंट बताकर इंस्टाग्राम पर एमपी के डिंडोरी की एक हिंदू युवती से मित्रता की। जाल में फंसाकर उसे लेकर अपने साथ सोमवार 16 मार्च की रात को जबलपुर स्टेशन से चित्रकूट एक्सप्रेस के एसी कोच में बैठाकर लखनऊ आ रहा था, रास्ते ट्रेन में कोच अटेंडेंट ने युवती से छेडख़ानी कर दी। मामले की जांच हुई तो पता चला कि युवती को लव जिहाद में फंसाकर लखनऊ लाया जा रहा है।
ऐसे हुआ खुलासा
रेलवे के कंट्रोल रूम से मंगलवार को सूचना मिली कि जबलपुर से लखनऊ आ रही चित्रकूट एक्सप्रेस में सफर कर रही एक युवती से कोच अटेंडेंट ने छेडख़ानी की है। आरपीएफ और जीआरपी जब ट्रेन में पहुंचीं तो पता चला कि मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले की रहने वाली एक 19 वर्षीय युवती बलरामपुर में तुलसीपुर के 38 साल के सैयद सलामत हुसैन उर्फ साहिल हुसैन के साथ यात्रा कर रही थी।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती
युवती ने बताया कि बांदा के अतर्रा रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार की तड़के कोच अटेंडेंट रायबरेली निवासी पवन गुप्ता ने छेडख़ानी की और फिर फरार हो गया। युवती के साथ यात्रा कर रहे युवक से पूछने पर पता चला कि उसका नाम सैयद सलामत हुसैन है। उसने खुद को सीआरपीएफ कमांडेंट बताकर इंस्टाग्राम पर युवती से दोस्ती की थी। वह युवती को जबलपुर से चित्रकूट एक्सप्रेस से लखनऊ ला रहा था।
सीआरपीएफ अधिकारी का दावा झूठा निकला
लखनऊ पहुंचने पर जब युवक के मुस्लिम होने और सीआरपीएफ में कमांडेंट न होने का पता चला तो युवती की तहरीर पर जीआरपी ने चारबाग में उसके विरुद्ध अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। वहीं, मामला बांदा से जुड़ा होने के कारण शून्य एफआइआर पंजीकृत कर उसे जीआरपी बांदा को स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित पहले भी पीलीभीत में एक युवती को लव जिहाद के जाल में फंसाने के मामले में नामजद रहा है और वर्तमान में जमानत पर है। जीआरपी अब उसके नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और मतांतरण से जुड़े अन्य मामलों की भी गहन जांच कर रही है।
