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मैकेनिक की दुकान में सजता था चोरी का बाजार: 15 गाड़ियां बरामद, पुलिस ने दो शातिर दबोचे



जबलपुर। जिले में वाहन चोरी की बढ़ती वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता और नगर पुलिस अधीक्षक भगत सिंह गोठरिया के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार कर रहे थे। पुलिस टीम को उस समय सफलता मिली जब मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों के कब्जे से चोरी के कई वाहन और कलपुर्जे बरामद हुए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरों के बीच हड़कंप मचा हुआ है और शहर में सक्रिय अन्य गिरोहों पर भी नकेल कसने की तैयारी की जा रही है।

​सीसीटीवी फुटेज की मदद से गिरफ्त में आया मुख्य आरोपी

​वाहन चोरी के मामलों की गहन जांच के दौरान पुलिस ने शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इन फुटेज के विश्लेषण से पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने में मदद मिली। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पाटन बायपास क्षेत्र में घेराबंदी कर 48 वर्षीय राकेश श्रीवास को पकड़ा। राकेश श्रीवास राजीव गांधी नगर माढोताल का निवासी है। गिरफ्तारी के समय वह एक चोरी की बाइक के साथ वहां मौजूद था। जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की और बाइक के दस्तावेजों की मांग की, तो वह कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सका। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से शहर के अलग-अलग इलाकों से दोपहिया वाहनों की चोरी कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।

​गाड़ियों के पार्ट्स निकालकर दूसरे वाहनों में खपाने वाला मैकेनिक भी धराया

​राकेश श्रीवास से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के दूसरे महत्वपूर्ण सदस्य 30 वर्षीय राजेश साहू को भी गिरफ्तार कर लिया। राजेश साहू पेशे से एक वाहन मैकेनिक है जो चोरी की गई गाड़ियों को ठिकाने लगाने में मुख्य भूमिका निभाता था। आरोपी राकेश गाड़ियां चोरी करके राजेश के पास लाता था, जिसके बाद राजेश उन वाहनों के पार्ट्स अलग कर देता था। इन पार्ट्स को वह अन्य पुरानी या क्षतिग्रस्त गाड़ियों में लगाकर बाजार में खपा देता था ताकि वाहन की पहचान पूरी तरह मिटाई जा सके। पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पाटन बायपास और उनकी दुकान पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 15 चोरी के दोपहिया वाहन और भारी मात्रा में खुले हुए इंजन पार्ट्स बरामद किए हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इन बरामद वाहनों से जुड़े चोरी के मामले माढोताल, लॉर्डगंज, ग्वारीघाट और छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और पड़ोसी राज्यों से भी गाड़ियां पार कर देता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। वर्तमान में पुलिस टीम इन आरोपियों से अन्य संभावित वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है ताकि शहर में सक्रिय अन्य वाहन चोरों और चोरी का माल खरीदने वालों का पता लगाया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी बरामदगी हो सकती है।

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