साल 2026-27 के लिए नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी। यह चार्ज प्रति बर्थ, प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय किया गया है। आसान भाषा में कहें तो रेलवे अब डाक विभाग से दूरी के हिसाब से नया किराया वसूलेगा।
नई दरों को 3 स्लैब में बांटा
रेलवे ने नई दरों को तीन अलग-अलग हिस्सों (दूरी स्लैब) में बांटा है। 500 किमी तक की दूरी सके लिए रेलवे 1.28 रुपये प्रति बर्थ, प्रति किलोमीटर चार्ज करेगा। 501 से 1,000 किमी तक की दूरी के लिए दर 0.81 रुपये तय की गई है। हालांकि, इसमें एक शर्त है कि रेलवे कम से कम 500 किमी का किराया यानी न्यूनतम 640 रुपये जरूर लेगा।
1,000 किमी से अधिक लंबी दूरी के लिए किराया सबसे कम 0.68 रुपये रखा गया है। इसमें न्यूनतम चार्ज 810 रुपये (1000 किमी के आधार पर) तय किया गया है। न्यूनतम किराये में वृद्धि को देखें तो 501-1,000 किमी के लिए न्यूनतम किराया पहले 625 रुपये था, जो अब बढ़कर 640 रुपया हो गया है।
1,000 किमी से अधिक के लिए न्यूनतम किराया पहले 790 रुपया था, जो अब 810 रुपये कर दिया गया है। इस बार समानता यही है कि 'राउंडिंग ऑफ' (किराये को अगले 5 के गुणक में बदलना) का नियम पिछले साल की तरह ही रखा गया है। पिछला सर्कुलर 19 मार्च 2025 को जारी हुआ था।
राउंड फिगर में करना होगा भुगतान
रेलवे ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब डाक के कुल किराए को 'अगले पांच के गुणक में राउंड ऑफ किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, अगर आपका कुल किराया 102 रुपये बनता है, तो उसे बढ़ाकर 105 रुपये कर दिया जाएगा। इससे हिसाब-किताब रखने में आसानी होगी।
आम लोगों पर भी पड़ेगा असर
चूंकि रेलवे डाक विभाग से अधिक किराया वसूलेगा, तो संभव है कि आने वाले समय में डाक विभाग भी अपनी पार्सल सेवाओं या रजिस्टर्ड पोस्ट की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी कर दे। हालांकि, अभी इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर कितना पड़ेगा, इस पर डाक विभाग का कोई बयान नहीं आया है।
कितना हुआ है किराया में बदलाव
दूरी (किमी) पिछला रेट (2025-26) नया रेट (2026-27) अंतर (प्रति किमी)
0 - 500 किमी 1.25 रुपये प्रति बर्थ/किमी 1.28 रुपये प्रति बर्थ/किमी 3 पैसे
501 - 1,000 किमी 0.79 रुपये प्रति बर्थ/किमी 0.81 रुपये प्रति बर्थ/किमी 2 पैसे
1,000 किमी से अधिक 0.66 रुपये प्रति बर्थ/किमी 0.68 रुपये प्रति बर्थ/किमी 2 पैसे
