OMG : डॉक्टरों ने थमा दी डेड बॉडी, दफनाने के लिए ले गए, अचानक उठी 14 साल की बच्ची

कोलकाता. पश्चिम बंगाल से एक अचंभित करने वाली घटना सामने आई है। जिसे सुनकर हर कोई दंग है। जिस 14 साल की बच्ची को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, जिसके लिए कब्र खोद ली गई थी, वह मौत के मुंह से वापस लौट आई। जिस बच्ची को मरा समझकर दफनाने ही वाले थे, वो अचानक से जिंदा हो गई। मामला पूर्वी मिदनापुर जिले के एराफतपुर गांव से सामने आया है। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एराफतपुर गांव की रहने वाली लड़की ने पढ़ाई को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के कारण करीब एक हफ्ता पहले कीटनाशक पी लिया था। उसे कई अस्पतालों में ले जाने के बाद पूर्वी मिदनापुर जिले के तमलुक में एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार वाले लड़की को कोंटाई ले गए और वहां भी एक डॉक्टर से उसकी मौत की पुष्टि की। घर लौटने पर धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अजान पढ़ी गई और माइक पर मौत की खबर भी दे दी गई। यहां तक कि लड़की को दफनाने के लिए कब्र खोदने का काम भी पूरा हो चुका था। 

एंबुलेंस टेक्निशियन बना फरिश्ता

जब सब कुछ हो चुका था, तभी आईसीयू एंबुलेंस के टेक्निशियन रबींद्रनाथ मंडल ने लड़की की हल्की नब्ज महसूस की। उनके जोर देने पर लड़की को आखिरी बार कोंटाई सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल ले जाया गया। वहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया और इलाज शुरू हुआ। चमत्कारिक रूप से लड़की के शरीर में हरकत होने लगी। सात दिनों तक चले इलाज के बाद लड़की पूरी तरह से ठीक हो गई और उसे बुधवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। नई जिंदगी पाकर लड़की ने खुद टेक्निशियन और डॉक्टरों को माला पहनाकर उनका आभार जताया। इस घटना को लेकर इलाके में खूब चर्चा हो रही है। 

अस्पताल ने जांच का भरोसा दिया

अस्पताल के अधीक्षक अरूप रतन करन ने कहा, अगर हमें लिखित शिकायत मिलती है, तो हम मामले की जांच करेंगे और उन डॉक्टरों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करेंगे जिन्होंने उसे मृत घोषित किया था। उन्होंने यह भी कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व का दिन है कि हमारे अस्पताल के टेक्निशियन और डॉक्टरों की वजह से एक बच्ची की जान बच गई।

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