जबलपुर। एमपी में चिकित्सा शिक्षा विभाग में हुई एसोसिएट प्रोफेसर्स की भर्ती पर आज सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार व कर्मचारी चयन मण्डल को नोटिस भी जारी कर 2 हफ्तों में जवाब मांगा है।यह याचिका निशा चंदेल सहित कई नर्सों की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर्स के पद, ट्यूटर सिस्टर्स के प्रमोशन से भरने का नियम है। लेकिन राज्य सरकार ने इन्हें सीधी भर्ती से भरने का फरमान सुना दिया। कर्मचारी चयन मण्डल ने बीते दिनों भर्ती परीक्षा भी करवा ली है। जिसके रिजल्ट जारी करने पर अब हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में भर्ती के लिए दिसंबर 2025 में विज्ञापन जारी किया था। जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर व 218 सिस्टर ट्यूटर की भर्ती की जानी थी। इसके बाद 25 जनवरी को दूसरा विज्ञापन जारी किया। जिसमें कि सिस्टर ट्यूटर को हटा दिया गयाए और एसोसिएट प्रोफेसर की भर्ती निकाली। जिसके बाद सिस्टर ट्यूटर की तरफ से हाईकोर्ट मे याचिका दायर की गई। कोर्ट को बताया गया कि एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए क्ववालीफाई है। भर्ती नियम 2024 के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर की भर्ती 100 प्रतिशत तक प्रमोशन से ही होना है। इसलिए सीधी भर्ती जो निकाली गई हैए वह गैरकानूनी है। मामले पर आज सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने संज्ञान लिया है। चूंकि परीक्षा हो चुकी है, ऐसे में कोर्ट ने रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मण्डल से जवाब मांगते हुए मामले की अगली सुनवाई 2 हफ्तों बाद तय की है।