संस्कारधानी का मान: विवेचना रंगमंडल के मंच से निकलकर मुंबई के बड़े पर्दे पर छाए शिवांशु मेहता


जबलपुर।
संस्कारधानी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विवेचना रंगमंडल की अभिनय पाठशाला ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरी है। शहर के जाने-माने करियर काउंसलर और 'सफल्हो' स्टार्टअप के संस्थापक शिवांशु मेहता ने अमेज़न प्राइम की नई वेबसीरीज़ ‘Bandwaale’ में 'इंस्पेक्टर विजय पथ भदौरिया' के रूप में एक सशक्त पहचान बनाई है। जबलपुर के रंगमंच से शुरू हुआ उनका यह सफर आज मुंबई के बड़े प्रोडक्शन हाउस तक जा पहुँचा है, जो युवाओं के लिए जुनून और पेशे के बीच संतुलन की एक मिसाल पेश करता है।

विवेचना रंगमंडल से अभिनय की नींव और मार्गदर्शक

​शिवांशु के अभिनय जीवन की नींव वर्ष 2019 में जबलपुर के प्रतिष्ठित विवेचना रंगमंडल में रखी गई थी। उन्होंने अपनी कला को निखारने का श्रेय अपने स्कूल के हिंदी शिक्षक डॉ. शिव कुमार सिंह ठाकुर, विवेचना के दिवंगत निर्देशक अरुण पांडेय और हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कन्हैया लाल कैथवास को दिया है। इन गुरुओं के सानिध्य में शिवांशु ने न केवल संवाद अदायगी सीखी, बल्कि भाषा और चरित्र की गहराई को समझना भी सीखा। उनकी इस यात्रा में जबलपुर की ही अभिनेत्री शालिनी पांडे का 'Bandwaale' में सह-कलाकार होना शहर की रंगमंच परंपरा के लिए एक गौरवशाली क्षण है।

प्रमुख प्रोजेक्ट्स और बहुआयामी व्यक्तित्व

​मुंबई के प्रतिस्पर्धी माहौल में शिवांशु ने अपनी प्रतिभा के दम पर बहुत कम समय में बड़े बैनर्स के साथ काम किया है। 'Bandwaale' से पहले वे विद्या बालन स्टारर ‘Sherni’, चर्चित सीरीज ‘Mirzapur 3’, ‘Gullak Season 3’ और अजय देवगन की फिल्म ‘Auron Mein Kahaan Dum Tha’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रह चुके हैं। एक रेडियो जॉकी और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में उनका अनुभव उन्हें एक 'कम्प्लीट पैकेज' बनाता है, जिससे उनके किरदारों में स्वाभाविकता और आवाज़ का वजन साफ झलकता है। उनके अनुसार, इंस्पेक्टर भदौरिया का किरदार उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है।

स्टार्टअप और अभिनय: जुनून और उद्देश्य का संगम

​शिवांशु मेहता केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक सफल उद्यमी भी हैं। 'सफल्हो' स्टार्टअप के जरिए वे हजारों युवाओं को करियर की सही राह दिखा रहे हैं। अक्सर लोग करियर और शौक के बीच किसी एक को चुनने की बात करते हैं, लेकिन शिवांशु इसे अलग नजरिए से देखते हैं। वे कहते हैं कि करियर काउंसलिंग ने उन्हें इंसानी स्वभाव को गहराई से समझने में मदद की, जिसका सीधा लाभ उन्हें अभिनय में मिलता है। वे मानते हैं कि यदि नीयत साफ हो और मेहनत करने का जज्बा हो, तो व्यक्ति अपने सामाजिक उद्देश्यों और व्यक्तिगत जुनून दोनों को बखूबी निभा सकता है।

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