जबलपुर। गुंजन कला सदन द्वारा होली के पावन अवसर पर आयोजित होने वाला प्रसिद्ध 'रसरंग महोत्सव' इस वर्ष 2 मार्च को शहीद स्मारक में आयोजित किया जाएगा। इस बार महोत्सव को पहले से अधिक भव्य और आकर्षक बनाने के लिए कई नए आयाम जोड़े जा रहे हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए संस्था की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता डॉ. आनंद तिवारी ने की। बैठक के दौरान डॉ. तिवारी ने बताया कि इस वर्ष सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ कुछ नवीन प्रयोग किए जाएंगे, जिससे दर्शकों को एक बिल्कुल नया और सुखद अनुभव प्राप्त होगा। संस्था के वरिष्ठ सदस्य सुरेश सराफ ने कहा कि सदस्यों के समर्पण और सहयोग की बदौलत ही रसरंग महोत्सव की ख्याति आज देशभर में फैली हुई है। इस बैठक में शहर के कई गणमान्य नागरिक और संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने महोत्सव की सफलता के लिए अपने विचार साझा किए।
सांस्कृतिक विरासत को मिलेंगे नए आयाम
युवा गुंजन अध्यक्ष हिमांशु तिवारी ने बताया कि बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि कार्यक्रम का स्तर उच्च श्रेणी का हो ताकि जबलपुर की सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिले। बैठक में डॉ. प्रियंका तिवारी, पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र साहू, अजय अग्रवाल, लायन नरेन्द्र जैन, श्याम चौधरी, आरके टहनगुरिया, डॉ. सत्येन्द्र जैन, अभय जैन, राजेश पाठक प्रवीण, आलोक पाठक, इंदिरा पाठक तिवारी, रेखा जैन, कमलेश यादव, डॉ. गार्गी तिवारी, भारती साहा, सुनील श्रीवास्तव, विक्रम परवार, कौशल यादव, अभिषेक अग्रवाल, मिठाई लाल चक्रवर्ती, डॉ. रजनीश गर्ग, डॉ. प्रकाश दुबे और प्रदीप जैन की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रतुल श्रीवास्तव द्वारा किया गया, जबकि अंत में विजय जायसवाल ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
