बताया गया है कि ग्राम झखौरा निवासी कामता चौधरी और उनके पारिवारिक रिश्तेदार लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान के बीच निर्माणाधीन भवन की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष इस भूखंड पर अपना-अपना दावा करते हैं। विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब लालमन उर्फ अब्दुल ने यहां गुंबदनुमा निर्माण कराना शुरू किया। इस बीच पुलिस को झखौरा निवासी 68 वर्षीय लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान पुत्र जिसवा चौधरी के खिलाफ ग्रामीण इलाके में धर्मांतरण का रैकेट चलाने और अनाधिकृत रूप से धार्मिक स्थल निर्माण कराने की शिकायतें मिल रही थीं। जिसपर उक्त मकान को सीज किया गया था। धर्मांतरण के आरोपों और भाइयों के बीच संपत्ति के स्वामित्व को लेकर उपजे विवाद के बाद मझगवां एसडीएम ने सीज करने के आदेश दिए थे। निर्देश दिए गए थे कि स्वामित्व विवाद के निराकरण तक ग्राम पंचायत स्थल की निगरानी करेगी। आज मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, तहसीलदार बिरसिंहपुर शैलेन्द्र शर्मा, तहसीलदार मझगवां हिमांशु शुक्ला और एसडीओपी चित्रकूट की मौजूदगी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जेसीबी की मदद से करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई में विवादित धार्मिक संरचना सहित पूरा भवन गिरा दिया गया।
धर्मांतरण रैकेट से भी जुड़ा है मामला-
इससे पहले उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे धारकुंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने धर्मांतरण के एक रैकेट का खुलासा किया था। इस मामले में पिता-पुत्र सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जांच में इस रैकेट का मुंबई कनेक्शन भी सामने आया है, जिसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
पहले खुद बदला धर्म फिर दूसरों को भी कराया-
जांच में सामने आया कि आरोपी लालमन ने करीब 15 साल पहले धर्म परिवर्तन किया था। बाद में उसने अपने 32 वर्षीय बेटे विजय भारती उर्फ मोहम्मद उमर और 42 वर्षीय रिश्ते के भतीजे दीनानाथ चौधरी उर्फ अब्दुल्ला का भी धर्मांतरण कराया। आरोपी अपने घर में धार्मिक आयोजन करता रहता था, जिसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं थी। जब घर के ऊपर मस्जिदनुमा गुंबद का निर्माण शुरू हुआ, तब मामला उजागर हुआ।