नई दिल्ली. अब रेलकर्मियों को पे-लेवल के आधार पर ही वंदे भारत में मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी। वंदे भारत में कौन रेल कर्मचारी व अधिकारी सफर कर पाएंगे और कौन नहीं। इस दुविधा को रेलवे ने दूर करने का फैसला किया है। रेलवे ने सभी जोन सहित मंडल प्रबंधकों को संशोधित नियमावली भेजी है।
इसके तहत रेलवे बोर्ड ने नई पीढ़ी की आधुनिक ट्रेनों, जैसे वंदे भारत एक्सप्रेस में रेलकर्मियों की यात्रा पात्रता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब रेलवे कर्मचारी अपने ड्यूटी पास और प्रिविलेज पास (सुविधा पास) के जरिए इन प्रीमियम ट्रेनों में भी सफर कर सकेंगे।
शताब्दी एक्सप्रेस की तर्ज पर मिलेगी सुविधा
रेलवे बोर्ड के आदेश (आरबीई न. 136/2022) के अनुसार, वंदे भारत और गतिमान एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रा की पात्रता वही होगी जो वर्तमान में शताब्दी एक्सप्रेस के लिए निर्धारित है। दस्तावेजों के अनुसार, कर्मचारियों के पे-लेवल के आधार पर पात्रता तैयार की गई है। इसके तहत उच्च अधिकारी (गोल्ड/सिल्वर पास धारक) के पे-लेवल 14 से 17 तक के अधिकारी (जीएम, एचएजी/एसएजी अधिकारी) वंदे भारत की एग्जीक्यूटिव श्रेणी में यात्रा कर सकते हैं। वे अपने परिवार के साथ अधिकतम 2 से 4 सीटें बुक करने के पात्र हैं। इसी प्रकार प्रथम श्रेणी ए पास (सफेद रंग) के पे-लेवल 12 और 13 के अधिकारी (जेएजी/सलेक्शन ग्रेड) भी एग्जीक्यूटिव क्लास में अधिकतम 2 सीटों या चेयर कार में 4 सीटों के हकदार होंगे, वहीं राजपत्रित अधिकारी (ब्रांज पास) के पे-लेवल 8 से 11 के अधिकारियों को चेयर कार में 4 सीटें मिलेंगी। वे किराए का अंतर देकर एग्जीक्यूटिव क्लास का विकल्प भी ले सकते हैं, जबकि अराजपत्रित कर्मचारी के पे-लेवल 6 और उससे ऊपर के कर्मचारी चेयर कार में सफर कर सकेंगे, इसी प्रकार पे-लेवल 5 और उससे नीचे के कर्मचारी (ग्रुप डी सहित) वर्तमान नियमों के तहत चेयर कार के लिए पात्र नहीं हैं, उन्हें केवल जनरल/2-एस श्रेणी की पात्रता दी गई है।
एलटीसी पर भी छूट
हाल ही में सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) के तहत भी वंदे भारत, तेजस और हमसफर ट्रेनों में यात्रा की अनुमति दे दी है। इससे पहले यह सुविधा केवल राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों तक ही सीमित थी। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी या प्रिविलेज पास पर यात्रा करने के लिए कर्मचारियों को निर्धारित कोटा के तहत ऑनलाइन ई-पास (एचआरएमएस) के माध्यम से पहले से सीट सुरक्षित करनी होगी। बिना आरक्षण के इन ट्रेनों में चढऩे की अनुमति नहीं दी जाएगी।
