जबलपुर: लेफ्टिनेंट जनरल वांद्रा बने नए जीओसी, गलवान के योद्धा जनरल शेखावत हुए सेवानिवृत्त


जबलपुर
। जबलपुर स्थित सेना के मध्य भारत एरिया मुख्यालय में बड़ा फेरबदल हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल हरबिंदर सिंह वांद्रा को मध्य भारत एरिया का नया जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) नियुक्त किया गया है। उन्होंने निवर्तमान जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत से पदभार ग्रहण किया। लेफ्टिनेंट जनरल वांद्रा इसके पूर्व जयपुर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। कार्यभार सौंपने के दौरान एक औपचारिक सैन्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल शेखावत को विदाई दी गई।

​लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत का सैन्य सफर और अनुभव

​लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत ने जनवरी 2024 में मध्य भारत एरिया के जीओसी का पद संभाला था और वे यहां करीब 2 साल तक पदस्थ रहे। 1987 में सेना में शामिल हुए जनरल शेखावत का तीन दशक से लंबा करियर बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडकवासला में प्रशिक्षक, लेबनान (यूनिफिल) में संपर्क अधिकारी और मैकेनाइज्ड फोर्स में महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक गलवान घाटी में चीन के साथ हुए विवाद के दौरान पूर्वी लद्दाख में माउंटेन डिवीजन की कमान संभालना रहा है।

​मध्य भारत एरिया का विस्तार और प्रशिक्षण क्षमता

​भारतीय सेना के लिए मध्य भारत एरिया का विशेष महत्व है क्योंकि सेना का लगभग 22 प्रतिशत क्षेत्र इसी कमांड के अंतर्गत आता है। यह क्षेत्र न केवल भौगोलिक रूप से बड़ा है, बल्कि प्रशिक्षण के लिहाज से भी काफी अहम है। यहां के ट्रेनिंग सेंटरों से निकलने वाले अग्निवीरों के प्रदर्शन की सेना में काफी सराहना की जा रही है। ट्रेनिंग सेंटर से पास आउट होने वाले जवान वर्तमान में भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं, जिससे सैन्य शक्ति को मजबूती मिल रही है। नए जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल हरबिंदर सिंह वांद्रा के सामने अब इस विशाल क्षेत्र की सुरक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।

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