जबलपुर। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के संकल्प के साथ निगमायुक्त ने स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के तहत विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आउटसोर्स ठेकेदारों और सफाई मित्रों को स्पष्ट संदेश दिया कि स्वच्छता केवल कागजी अनुबंध का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह शहर के प्रति हमारी नैतिक और भावनात्मक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि जब कार्य सेवा भाव से किया जाता है, तो समाज में स्वतः ही 'इज्जत' और 'सम्मान' प्राप्त होता है।
निगम व ठेकेदार परिवार की तरह करें कार्य
निरीक्षण के दौरान ठेकेदारों को संबोधित करते हुए निगमायुक्त ने नसीहत दी कि सभी आउटसोर्स इकाइयों को नगर निगम के साथ एक परिवार की तरह जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यों में महज औपचारिकता निभाने के बजाय भावनात्मक जुड़ाव (इमोशनल अटैचमेंट) आवश्यक है। जब प्रत्येक कर्मचारी शहर के हित को अपना निजी हित समझेगा, तभी धरातल पर वास्तविक परिवर्तन नजर आएगा। उन्होंने टीम वर्क और पारदर्शिता के साथ बेहतर परिणाम देने की बात कही।
व्यवस्था का जायजा,किया उत्साहवर्धन
निगमायुक्त ने शहर के तीन प्रमुख संभागों, विशेषकर सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड और धन्वंतरि नगर का सघन भ्रमण किया। वहां उन्होंने सफाई मित्रों की उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) की बारीकी से जांच की और कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इस दौरान वार्ड पार्षद अनुपम जैन और जितेन्द्र कटारे (जीतू) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और क्षेत्रीय सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। निगमायुक्त ने फील्ड पर तैनात कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें जबलपुर को स्वच्छता रैंकिंग में 'नंबर-1' बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों सहित क्षेत्रीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
