जबलपुर। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके तीन पत्ती के पास स्थित द्वारका होटल में आज उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब वहां अचानक आग लग गई। देखते ही देखते धुएं का काला गुबार आसमान छूने लगा, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। चूंकि यह शहर का मुख्य केंद्र है, इसलिए आग फैलने की स्थिति में भारी जनहानि और नुकसान का खतरा मंडराने लगा था।
बस स्टैंड पुलिस की मुस्तैदी से टला 'अग्नि तांडव'
घटना की जानकारी मिलते ही बस स्टैंड चौकी के जांबाज पुलिसकर्मी एसके विश्वकर्मा और उनकी टीम ने देवदूत बनकर मोर्चा संभाला। पुलिस ने पलक झपकते ही फायर ब्रिगेड को सूचित किया और मौके पर पहुँचकर बेकाबू हो रही भीड़ को नियंत्रित किया। दमकल की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग की लपटों पर काबू पाया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने आग को होटल के बाकी हिस्सों और आसपास की घनी दुकानों में फैलने से रोक लिया, जिससे एक बहुत बड़ी अनहोनी टल गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। फिलहाल, आग लगने के असली और सटीक कारणों का खुलासा करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
