बताया गया है कि रेलवे प्रबंधन द्वारा समय समय पर सतर्कता बरतने के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया जाता है ताकि अधिकारियों से लेकर कर्मचारी आकस्मिक दुर्घटनाओं को लेकर हर वक्त अलर्ट रहे। जैसे ही कहीं ट्रेन एक्सीडेंट की खबर मिले तो आनन-फानन तैयारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच जाए। सतर्कता व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज भी मॉकड्रिल का आयोजन किया गया, जिसके चलते शाम के वक्त एक के बाद एक खतरे के पांच सायरन बजाए गए, खतरे के सायरन बजते ही रेलवे स्टेशन पर हड़कम्प मच गया, अधिकारियों से लेकर कर्मचारी एकत्र हो गए। जिन्हे खबर मिली कि गोसलपुर रेल ट्रेक पर एक्सीडेंट हो गया है, जिसपर गोसलपुर के लिए राहत व बचाव दल तत्काल रवाना हो गया, उनके साथ एनडीआरएफ की टीम के सदस्य भी रवाना हुए। पूरी तैयारियों के साथ गोसलपुर पहुंचने पर पता चला कि रेलवे ने मॉकड्रिल का आयोजन किया था। जब तक मॉकड्रिल का पता नहीं चला था तो पूरी सतर्कता के साथ अधिकारी राहत व बचाव दल के साथ उसी फुर्ती व तत्परता से पहुंचे थे कि जैसे हकीकत में गोसलपुर के पास ट्रेन एक्सीडेंट हुआ है।