जबलपुर। शोभापुर रेलवे ब्रिज के पास सोमवार दोपहर को 21 वर्षीय युवक गजानंद सोनी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। गजानंद, जो कि निर्भय नगर का निवासी था और प्राइवेट काम करता था, सुबह घर से काम पर निकला था। दोपहर में पुलिस को ट्रैक पर शव होने की सूचना मिली। रांझी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली, तो मृतक के पास मिले आधार कार्ड से उसकी शिनाख्त हुई। परिजनों ने गजानंद की मौत को सोची-समझी हत्या करार दिया है। उनका कहना है कि उसे कोई मानसिक या आर्थिक परेशानी नहीं थी, इसलिए वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता। परिजनों का आरोप है कि किसी ने गजानंद की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया है ताकि मामला दुर्घटना या खुदकुशी जैसा प्रतीत हो।
पुलिस पर संरक्षण का आरोप, थाने का घेराव
इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अधारताल थाने का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता चमन और अन्य कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में जुआ, सट्टा, चाकूबाजी और चोरी जैसी आपराधिक गतिविधियां पुलिस के संरक्षण में फल-फूल रही हैं। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर हफ्ता वसूली के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गजानंद की मौत भी इसी बढ़ते अपराध का नतीजा है। अधारताल थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे के अनुसार, चूंकि शव रांझी थाना क्षेत्र में मिला है, इसलिए वहां मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, मृतक के परिजनों की मांग को देखते हुए पुलिस अब हत्या, आत्महत्या और दुर्घटना, तीनों पहलुओं से मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
