कांग्रेस नेता अमरीश मिश्रा ने बताया कि लगभग 15 दिन पहले विपक्ष ने धारा 30 के तहत बैठक बुलाने के लिए अध्यक्ष को पत्र दिया था। उनकी बात नहीं सुनी गई, जिसके बाद शहर के चौराहों पर समानांतर सभाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया। अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि शहर के कई वार्डों में नालियों के बीच से पाइप लाइन गुजर रही हैं। जिससे नागरिक दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर वर्ष पाइपलाइन की मरम्मत और रखरखाव पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि महापौर सदन में जल नीति पर श्वेत पत्र जारी करें। साथ हीए यह भी स्पष्ट किया जाए कि नालियों से गुजर रही पाइपलाइन को तय समय सीमा में कब तक हटाया जाएगा ताकि नागरिकों को शुद्ध पेयजल मिल सके। पाण्डेय ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन सदन की बैठक से बच रहा है और भाजपा की नगर निगम सत्ता भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने डोर-टू-डोर व्यवस्थाए साफ-सफाई व नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में भी आम जनता को परेशान किए जाने का आरोप लगाया। सभा में प्रतीकात्मक रूप से निगम अध्यक्ष संतोष पंडा, महापौर राजेश सोनकर, नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, आयुक्त राहुल गुप्ता तथा एमआईसी सदस्य मदन लारिया, कमलेश यादव, कीर्ति सिंह और नरेन्द्र पाण्डेय की भूमिकाएं निभाई गईं।
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