8वें वेतन आयोग और ओपीएस की मांग को लेकर डीआरएम ऑफिस पर प्रदर्शन
जबलपुर। एआईआरएफ एवं वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन के आह्वान पर आज जबलपुर रेल मंडल के सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय माँग दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने रेल प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भोजन अवकाश के दौरान आयोजित इस धरने में मंडल के विभिन्न स्टेशनों से आए लगभग 150 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान न होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
आठवें वेतन आयोग और ओपीएस लागू करने मांग
यूनियन के पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रेल कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में आठवें वेतन आयोग की कार्यवाही जल्द शुरू करना और संशोधित वेतन भत्ते 1 जनवरी 2026 से लागू करना शामिल है। साथ ही, कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की पुरजोर वकालत की। वक्ताओं ने कहा कि पुराने और नए पेंशनरों के बीच किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बोनस भुगतान के लिए निर्धारित 7000 रुपये की सीमा को हटाने और रनिंग स्टाफ के किलोमीटर भत्ते में 25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ उसे आयकर मुक्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
पदोन्नति के अवसर और कार्यदशाओं में सुधार पर जोर
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों के करियर और सुविधाओं से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। यूनियन ने मांग की है कि कैडर रिस्ट्रक्चरिंग के आदेश तत्काल जारी किए जाएं। ट्रैकमैन साथियों के लिए ग्रेड पे 4200 तक पदोन्नति के रास्ते खोले जाएं। सीधी भर्ती कोटा के 10% पदों को एलडीसीई में शामिल कर ओपन चयन आयोजित किया जाए। रेलवे सुरक्षा श्रेणी के कर्मचारियों को रिस्क और हार्ड ड्यूटी अलाउंस प्रदान किया जाए व रेलवे कर्मचारियों के माता-पिता को भी रेल पास की सुविधा दी जाए।
