भोपाल। एमपी की राजधानी भोपाल में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित किन्नर धर्म सम्मेलन में हिमांगी सखी को किन्नर शंकराचार्यÓघोषित करते हुए उनका पट्टाभिषेक किया गया। आयोजन में राजस्थान के पुष्कर को पहली किन्नर शंकराचार्य पीठ घोषित किया गया।
यह कार्यक्रम किन्नर वैष्णव अखाड़ा की ओर से आयोजित किया गया। इसमें किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋ षि अजय दास सहित विभिन्न राज्यों से आए संत-महात्मा और किन्नर समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजकों ने दावा किया कि धर्म परिवर्तन कर चुके 60 किन्नरों ने शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद पुन: हिंदू धर्म स्वीकार किया। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। इस मौके पर हिमांगी सखी ने कहा कि सनातन ही धर्म है, बाकी सब पंथ हैं। जो इसे स्वीकार नहीं करते, उनके लिए दुनिया खुली है। उन्होंने पाकिस्तान के गठन का संदर्भ देते हुए कहा कि जो सनातन को नहीं मानते, वे वहां जा सकते हैं। उन्होने कहा कि सुरैया घर वापसी करें तो उनका स्वागत है, हिमांगी सखी ने कहा कि कार्यक्रम में सुरैया को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुईं। उन्होंने कहा, यदि वे 'घर वापसीÓ करती हैं तो उनका स्वागत है और स्वयं किन्नर शंकराचार्य उनका तिलक व पट्टाभिषेक करेंगी। किन्नर समाज को संगठित करना दायित्वहिमांगी सखी ने यह भी कहा कि किन्नर समाज को संगठित कर सनातन परंपरा के तहत संरक्षित करना उनका दायित्व है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही भोपाल में किन्नर समुदाय के भीतर धर्म परिवर्तन और गद्दी विवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। ऐसे में महाशिवरात्रि पर आयोजित यह सम्मेलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिष मठ संस्थान से जुड़े पंडित ने दर्ज की आपत्ति-
भोपाल में घोषित किन्नर शंकराचार्य पीठ को लेकर ज्योतिष मठ संस्थान से जुड़े पंडित विनोद गौतम ने आपत्ति दर्ज की है। उनका कहना है कि सनातन परंपरा में चार मूल पीठों की ही व्यवस्था है और उसी के अनुरूप शंकराचार्य पद की मान्यता तय होती है। गौरतलब है कि परंपरा के अनुसार आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार प्रमुख पीठ माने जाते हैं। जिसमें ज्योतिर्मठ (उत्तराखंड), श्रृंगेरी शारदा पीठ (कर्नाटक), गोवर्धन मठ (ओडिशा) व द्वारका शारदा पीठ (गुजरात)। पंडित गौतम ने कहा कि पारंपरिक मठ व्यवस्था के अनुसार चार ही पीठों के शंकराचार्य मान्य हैं। ऐसे में नए पीठ या पांचवें शंकराचार्य की मान्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इन्हे जगद्गुरु घोषित किया गया-
-काजल ठाकुर (भोपाल)
-तनीषा (राजस्थान)
-संजना (भोपाल)
-संचिता (महाराष्ट्र)
इन्हे घोषित किया गया महामंडलेश्वर
-सरिता भार्गव
-मंजू
-पलपल
-रानी ठाकुर
-सागर