जबलपुर। कैंट विधानसभा क्षेत्र के रांझी सर्रा पीपर (नगर निगम जोन क्रमांक 10) से प्रशासन को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शोक संतप्त परिवार को नगर निगम की घोर लापरवाही के कारण अपनी माता की तेरहवीं का कार्यक्रम बीच सड़क पर टेंट लगाकर करने को मजबूर होना पड़ा। परिजनों ने सामुदायिक भवन का निर्धारित शुल्क समय पर जमा कर रसीद भी प्राप्त कर ली थी, लेकिन अंतिम समय तक उन्हें भवन की चाबी मुहैया नहीं कराई गई। जानकारी के अनुसार, रांझी निवासी विजय श्रीवास्तव ने अपनी माता के तेरहवीं संस्कार हेतु 31 जनवरी, शनिवार के लिए नगर निगम का सामुदायिक भवन बुक किया था। इसके लिए उन्होंने विधिवत प्रक्रिया पूरी कर शुल्क भी जमा कर दिया था। परिजनों का आरोप है कि वे 30 जनवरी से ही चाबी के लिए नगर निगम कार्यालय, क्षेत्रीय पार्षद और सुपरवाइजर के चक्कर काटते रहे। अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि चाबी पार्षद के पास है, जबकि पार्षद का दावा था कि चाबी सुपरवाइजर के माध्यम से भेजी जा रही है।
-शोक की घड़ी में मानसिक प्रताड़ना
लगातार दो दिनों तक फोन, संदेश और व्यक्तिगत संपर्क के बावजूद शनिवार सुबह 8 बजे तक चाबी नहीं मिल सकी। घर में मेहमानों का आना शुरू हो चुका था और धार्मिक अनुष्ठान का समय नजदीक था। अंततः थक-हारकर विजय श्रीवास्तव को अपने घर के सामने सड़क पर टेंट लगवाना पड़ा। एक तरफ परिवार पहले से ही माता के निधन के शोक में था, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के इस अड़ियल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने उन्हें भारी मानसिक पीड़ा और अतिरिक्त आर्थिक बोझ में डाल दिया।
प्रशासनिक -जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने कैंट विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और नगर निगम की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब सरकारी खजाने में पैसा जमा हो चुका था, तो फिर इतनी संवेदनहीनता क्यों दिखाई गई? दुख की घड़ी में आम जनता की मदद करने के बजाय टालमटोल की राजनीति ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
