गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मोबाइल की लत ने तीन सगी बहनों की जिंदगी लील ली, तीनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 2 बजे तीनों बहनें हाथ पकड़कर बालकनी से कूद गईं। गिरने की आवाज सुनकर कॉलोनी के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
सुसाइड नोट में लिखा- गेम नहीं छोड़ पा रही हूं
तीनों बहनें जिस रूम में सोती थीं, वहां डायरी में सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा- मम्मी पापा सॉरी...गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको यह एहसास होगा कि हम इस गेम से कितना प्यार करते थे, जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे।
पिता बोले- अपने बच्चों को मोबाइल गेम खेलने न दें
पिता चेतन ने बताया- 8 से 10 पेज का सुसाइड नोट है। इसमें बेटियों ने सुसाइड और गेम के संबंध में बताया। बेटियों ने लिखा- सॉरी पापा, हम गेम नहीं छोड़ सके। कोरियन गेम हमारी जिंदगी, हमारी जान है। चेतन कहते हैं- मेरी बच्चियों के साथ बहुत बुरा हुआ। कोई मां-बाप अपने बच्चों को मोबाइल गेम खेलने न दें। कौन सा टास्क हो जाता है, पता नहीं चलता। मुझे पता होता कि क्या टास्क दे रहे हैं तो हम गेम खेलने ही नहीं देते।
बड़ी बेटी टास्क देती थी, बाकी दोनों बात मानती थीं
चेतन बताते हैं- बेटियां 3 साल से गेम खेल रही थीं। कहती थीं कि हम लोगों को कोरिया जाना है। हम कभी उनके कमरे में चली जाते तो तीनों वहां से दूसरे कमरे में चली जाती थीं। बड़ी बेटी प्राची दोनों को टास्क देती थी। दोनों छोटी बेटियां उसकी हर बात मानती थीं। तीनों एक साथ ही रहती थीं। एक साथ ही टॉयलेट और नहाने जाती थीं।
बच्चियां 80 फीट की ऊंचाई से कूदी थीं
एसपी अतुल कुमार सिंह ने बताया- लड़कियों की उम्र 12, 14 और 16 साल थी। पिता चेतन ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं। पुलिस को रात 2:18 बजे सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जिस ऊंचाई से तीनों बच्चियां कूदीं, वहां से जमीन 80 फीट है। तीनों बच्चियां जमीन पर पड़ी मिलीं और गंभीर रूप से घायल थीं। उन्हें एंबुलेंस से लोनी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीनों बच्चियों 2 साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। दिनभर गेम खेलती थीं। आसपास के लोगों से बात भी नहीं करती थीं।
