हाई-टेंशन लाइन के 27 मीटर दायरे में निर्माण पड़ेगा महंगा, एमपी ट्रांसको ने शुरू किया हटाओ अभियान


जबलपुर।
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बिजली लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में किए गए अवैध और घातक निर्माणों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस विशेष अभियान के तहत छतरपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 132 केवी छतरपुर–बिजावर और छतरपुर–नौगांव लाइनों के सुरक्षा दायरे में आने वाले अतिक्रमणों को हटाया गया।

 नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

​मुख्य अभियंता डीके अग्रवाल ने जानकारी दी कि इन ट्रांसमिशन लाइनों के निर्धारित 27 मीटर के सुरक्षा क्षेत्र (कॉरिडोर) के भीतर कई अवैध निर्माण कर लिए गए थे। विभाग द्वारा संबंधित व्यक्तियों को पहले ही नोटिस जारी कर आगाह किया गया था, लेकिन निर्माण न हटाए जाने की स्थिति में कंपनी ने नियमानुसार बलपूर्वक इन्हें हटाने की कार्रवाई की।

विद्युत हादसों को रोकने की कवायद

​इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य बिजली की हाई-टेंशन लाइनों के पास होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और नागरिक जीवन को सुरक्षित बनाना है। अधिकारियों के मुताबिक, हाई-वोल्टेज लाइनों के नीचे निर्माण करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह जान-माल के लिए भी अत्यंत जोखिम भरा है। किसी भी तकनीकी खराबी या फाल्ट की स्थिति में यहाँ बड़ी जनहानि की आशंका बनी रहती है।

पूरे प्रदेश में चरणबद्ध अभियान चलेगा

​एमपी ट्रांसको ने स्पष्ट किया है कि यह मुहिम केवल एक जिले तक सीमित नहीं है। जबलपुर मुख्यालय सहित पूरे मध्य प्रदेश में यह अभियान चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रांसमिशन लाइनों के निर्धारित सुरक्षा कॉरिडोर में किसी भी प्रकार का निर्माण न करें और बिजली नियमों का कड़ाई से पालन करें ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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