जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने नीट (NEET) परीक्षा के मूल्यांकन में गड़बड़ी को लेकर दायर एक अनोखी याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता छात्रा से कहा कि उसे शिकायत करने के बजाय खुश होना चाहिए कि उसे उसकी उम्मीद से अधिक अंक मिले हैं।
10 अंक ज्यादा मिले, कोर्ट पहुंची छात्रा
भोपाल की नवदूर संचार कॉलोनी (मूल निवासी नागपुर) में रहने वाली छात्रा गथा वासनिक ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा वर्ष 2025 में आयोजित नीट परीक्षा के परिणामों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। छात्रा का दावा था कि उसका मूल्यांकन सही तरीके से नहीं किया गया है। छात्रा के अनुसार, उसके द्वारा किए गए मिलान के हिसाब से उसे 342 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन रिजल्ट में उसे 352 अंक मिले। याचिका में आशंका जताई गई थी कि मूल्यांकन पद्धति में कोई बड़ी गड़बड़ी है, जिसके कारण उसे 10 अंक ज्यादा मिल गए। छात्रा ने मांग की थी कि इस गड़बड़ी को सुधारकर पूरी मेरिट लिस्ट फिर से जारी की जाए।
कोर्ट ने कहा,आपको खुश होना चाहिए
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की। बेंच ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जब उम्मीदवार को अपनी उम्मीद से ज्यादा अंक मिले हैं, तो उसे खुश होना चाहिए। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने पूछा कि क्या छात्रा ने इस रिजल्ट के आधार पर कहीं एडमिशन लिया है, तो जवाब 'ना' में मिला। कोर्ट ने चिंता व्यक्त की कि इस तरह की याचिका से छात्रा का अपना भविष्य प्रभावित हो सकता है।
