हादसे ने खोली आयुष्मान योजना की पोल!


जबलपुर।
शहर के निजी अस्पतालों में सरकारी धन की लूट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'आयुष्मान भारत योजना' के नाम पर जबलपुर में एक बड़ा गोरखधंधा चल रहा है, जिसका खुलासा एक सड़क हादसे के बाद हुआ। आरोप है कि निजी अस्पताल और बिचौलियों का एक संगठित गिरोह डिंडोरी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से स्वस्थ लोगों को 'मरीज' बनाकर जबलपुर ला रहा था, ताकि उनके आयुष्मान कार्ड का उपयोग कर सरकार से लाखों रुपये की राशि हड़पी जा सके।

हादसे ने खोली स्वास्थ्य माफिया की पोल

​इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब डिंडोरी से आयुष्मान कार्ड धारकों को लेकर जबलपुर आ रही एक बस रास्ते में पलट गई। दुर्घटना में घायल हुए लोगों को जब इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। जांच में पता चला कि बस में सवार अधिकांश लोग पूरी तरह स्वस्थ थे और उन्हें किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं थी। इन 'फर्जी मरीजों' को केवल कागजों पर बीमार दिखाकर अस्पताल में भर्ती करने और उनके कार्ड से पैसे निकालने की तैयारी थी। घटना के बाद भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए आयुष्मान कार्ड के दुरुपयोग की जांच की मांग की है। डिंडोरी के शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने इसकी शिकायत भोपाल भेजी है।

बिचौलियों और अस्पतालों का संगठित जाल

​रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण अंचलों में दलालों का एक सक्रिय गिरोह काम कर रहा है। ये दलाल भोले-भाले ग्रामीणों को बहला-फुसाकर और मुफ्त इलाज या अन्य प्रलोभन देकर जबलपुर लाते हैं। शहर के कई निजी अस्पताल इस गिरोह से जुड़े हुए हैं, जो फर्जी इलाज के दस्तावेज तैयार करने और भुगतान की प्रक्रिया को पूरा करने में माहिर हैं। विधायक का आरोप है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है और इसमें प्रशासन की नाक के नीचे करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। अब इस मामले की गहराई से जांच होने पर शहर के कई बड़े अस्पतालों और रसूखदार लोगों के चेहरे बेनकाब होने की संभावना है।

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