नई दिल्ली. रेलवे में 128 कैडरों में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के पदों की रि-स्ट्रक्चरिंग 10 वर्षों के बाद फिर से होने जा रही है। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने एक प्रस्ताव बनाकर आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) व नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस (एनएफआईआर) को भेजा है। सहमति बनने पर दिसंबर 2026 से रेलकर्मियों को प्रमोशन का लाभ मिलने लगेगा.
बोर्ड के इस प्रस्ताव के पश्चात फेडरेशंस अपने-अपने जोनल संगठनों से इस संबंध में विस्तार से विचार-विमर्श शुरू करते हुए बोर्ड के प्रस्ताव से अवगत कराना शुरू कर दिया है. ताकि इसे अंतिम रूप देकर बोर्ड को सूचित किया जा सके.
इससे पहले 2016 में हुआ था कैडर रिस्ट्रक्चरिंग
इससे पहले रेलवे में कैडर रि-स्ट्रक्चरिंग वर्ष 2016 में हुआ था, जिसमें साढ़े चार लाख रेलकर्मियों को प्रमोशन का लाभ मिला था। मजदूर संगठनों का मानना है कि वर्ष 2026 में कैडर संरचना में होने वाले बदलावों से भारतीय रेल के लगभग 35 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता साफ होगा।
रेलवे बोर्ड से प्राप्त कैडर पुनर्गठन पर फेडरेशन के सुझाव
सिविल इंजीनियरिंग विभाग के ट्रैक मेंटेनर्स
लेवल-6 का नया ग्रेड बनाया जाए, ताकि 2800 ग्रेड-पे वाले कर्मचारियों के प्रमोशन का नया रास्ता खुल सके। इसमें 10 प्रतिशत पदों का सृजन करने की मांग है।
लेवल-5 में 25 प्रतिशत पद रखे जाएं।
लेवल-2 व लेवल-4 को मर्ज कर 25 प्रतिशत पद रखे जाएं।
लेवल-1 में 40 प्रतिशत पद रखने का प्रस्ताव
सभी विभागों में आर्टिजन स्टाफ, टेक्निशियन का पद सृजित किया जाए। इसमें सीनियर टेक्निशियन से टेक्निशियन-3 तक का पद हो, क्योंकि प्रमोशन का रास्ता बंद होने के कारण अधिकतर कर्मचारी लेवल-6 में जाकर सेवानिवृत हो रहे रहे हैं। ऐसे में 4600 ग्रेड में जाने का रास्ता खोला जाए और टेक्निशियन-1 व टेक्निशियन-2 को मर्ज कर दिया जाए।
लेवल-7 में पांच प्रतिशत पदों का सृजन हो।
लेवल-6 में 35 प्रतिशत पद रहे।
लेवल-5 व लेवल-4 को मर्ज कर 45 पद रखे जाएं।
सहायक लोको पायलट के तर्ज पर तकनीकी श्रेणी में इंट्री लेवल-4 में 15 प्रतिशत पदों का सृजन हो।
सभी विभागों में तकनीकी पर्यवेक्षक बने
मांग है कि (आरबीई-155/2022) के निर्देशानुसार लेवल-8 व लेवल-9 के कैडर पदों का उन्नयन किया जाए।
लेवल-6, 7, 8 व 9 में समान रूप से 25 प्रतिशत कैडर पद निर्धारित किया जाए।
15 प्रतिशत पदों को गैजेटेड करने की मांग। उन्हें लेवल-8 व लेवल-9 के तहत वित्तीय लाभ दिया जाए।
रनिंग स्टाफ (ट्रेन मैनेजर एवं लोको पायलट)
लेवल-7 में कैडर पदों को 30 प्रतिशत सृजित किया जाए।
