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जबलपुर रेलवे की महिला खिलाड़ियों की बड़ी लापरवाही: हॉकी छोड़कर चोरी-छिपे खेल रही थीं पैसे के लिए क्लब क्रिकेट


  • बड़ी कार्रवाई की तैयारी:
     सीनियर डीसीएम ने दिए जांच के आदेश, हॉकी टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन के बाद सामने आई खिलाड़ियों की अनियमितता।
  • जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर जोन में स्पोर्ट्स कोटे के तहत पदस्थ महिला कर्मचारियों की एक बड़ी अनियमितता सामने आई है। विभाग ने इन खिलाड़ियों को हॉकी टूर्नामेंट में प्रतिनिधित्व करने के लिए बालाघाट भेजा था, लेकिन ये कर्मचारी खेल के प्रति समर्पित होने के बजाय क्लब क्रिकेट खेलने में व्यस्त पाई गईं। चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के ये महिला खिलाड़ी बालाघाट से जबलपुर आकर क्लब क्रिकेट खेल रही थीं। सूत्रों के अनुसार, इन खिलाड़ियों की रुचि हॉकी से ज्यादा क्रिकेट में इसलिए बढ़ रही है क्योंकि उन्हें क्लब क्रिकेट खेलने के लिए कथित तौर पर पैसे दिए जा रहे हैं।

    लाइव स्ट्रीमिंग से खुला राज, टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन ने खड़े किए सवाल

    ​इस पूरी गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब 'Viana Women Premium League' की लाइव स्ट्रीमिंग में ये महिला हॉकी खिलाड़ी क्रिकेट खेलते हुए नजर आईं। इनमें प्रमुख रूप से रैना यादव, मौली यादव, मरियम अटैया,नर्मदा विश्वकर्मा, प्रिया जैन, अंकिता पटेल, खुशबू पटेल, अंकिता राय, मरियम अथ्या, जानकी विश्वकर्मा, खुशबू पटेल,मौली यादव, मधु, नीलम, नंदिता निंगनबान, पुनीता, प्रांजुल उपाध्याय, रेनू, रैना यादव, सोमती और सोमित सहित अन्य खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं। ड्यूटी और खेल के प्रति बरती गई इस लापरवाही का सीधा असर रेलवे की हॉकी टीम के नतीजों पर भी पड़ा। बालाघाट में चल रहे हॉकी टूर्नामेंट में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जिसका कारण इनका ध्यान क्रिकेट प्रतियोगिताओं पर केंद्रित होना बताया जा रहा है।

    रेलवे प्रशासन में हड़कंप, वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए जांच के निर्देश

    ​मामले की जानकारी मिलते ही रेलवे के उच्च अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। जब इस विषय पर सीनियर डीसीएम डॉ. मधुर वर्मा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पोर्ट्स कोटे के अधिकारियों से चर्चा की है। डॉ. वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिन महिला कर्मचारियों को विशेष रूप से हॉकी टूर्नामेंट के लिए अवकाश दिया गया था, उनका बिना जानकारी दिए किसी अन्य खेल प्रतियोगिता में शामिल होना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उन्होंने खिलाड़ियों को पैसे मिलने के आरोपों और इस पूरी अनियमितता की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं, जिसके बाद दोषी खिलाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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