एम्स और टाटा मेमोरियल के दिग्गज पहुँचेंगे जबलपुर: पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में होगा गहन मंथन


पहली बार जबलपुर में राज्य स्तरीय 'एमपी पैथकॉन 2026' का भव्य शंखनाद,चिकित्सा जगत के आधुनिक बदलावों पर होगी चर्चा

जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर के चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस (NSCB) मेडिकल कॉलेज में आगामी 9 से 11 जनवरी 2026 तक 'इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स' (IAPM) के मध्य प्रदेश चैप्टर के 16वें वार्षिक सम्मेलन 'MPPATHCON 2026' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह पहला अवसर है जब जबलपुर इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेन्स की मेजबानी कर रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय तोतड़े व शिशिर चनपुरिया ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम नवाचारों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आणविक निदान (Molecular Diagnosis) पर चर्चा करना है।

देश के विख्यात संस्थानों के विशेषज्ञों का होगा समागम


इस तीन दिवसीय शैक्षणिक महाकुंभ में देश के अग्रणी संस्थानों से विख्यात विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। प्रमुख वक्ताओं में डॉ. सुमीत गुजराल (TMH मुंबई), डॉ. रीना दास (PGI चंडीगढ़), डॉ. एम. सी. शर्मा (AIIMS दिल्ली), डॉ. राहुल भार्गव (फोर्टिस दिल्ली), डॉ. मयूर परिहार व डॉ. दिव्या मिढा (टाटा मेडिकल सेंटर कोलकाता), डॉ. छगन बिहारी (ILBS दिल्ली), डॉ. अतिन सिंघई (KGMU लखनऊ), डॉ. अपर्णा जयराम (मुंबई), डॉ. राजेश सावंत (कोकिलाबेन अस्पताल), डॉ. सीमा दयाल (सैफई), डॉ. अविनाश गुप्ता (वाराणसी), डॉ. अरुणा नंबिराजन (AIIMS दिल्ली), डॉ. राकेश गुप्ता (AIIMS रायपुर) और डॉ. पारुल जैन (KGMU लखनऊ) शामिल हैं। इनके अलावा डॉ. दीप्ति चौरसिया, डॉ. सचिन बंसल, डॉ. अर्जुन सिंह, डॉ. अभिराज रामचंद्रानी, डॉ. गौतम भगत और डॉ. एकता शाह भी अपने विचार साझा करेंगे।

कार्यशाला से लेकर एआई (AI) की भूमिका पर गहन मंथन

कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, 9 जनवरी को वर्कशॉप का उद्घाटन अधिष्ठाता डॉ. नवनीत सक्सेना द्वारा किया जाएगा। 10 जनवरी को मुख्य सम्मेलन का उद्घाटन मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बी.के. खंडेलवाल करेंगे, जहाँ अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में 'टीबी निदान के बदलते चेहरे', 'हेमेटोलॉजी', 'एमडीएस के आणविक निदान' और 'ब्लड कैंसर के आधुनिक उपचार' पर चर्चा होगी। विशेष रूप से 'मेडिकल एजुकेशन में गेमिफिकेशन' और 'क्या एआई (AI) माइक्रोस्कोपी की जगह लेगा?' जैसे विषयों पर पैनल चर्चा आकर्षण का केंद्र रहेगी। अंतिम दिन उभरते पैथोलॉजिस्ट्स के लिए क्विज़ और पोस्टर प्रेजेंटेशन आयोजित किए जाएंगे।

पर्यटन को बढ़ावा और आयोजन समिति की सक्रियता

आयोजन सचिव डॉ. ओ.पी. भार्गव (मार्गेवार) के अनुसार, देशभर से 400 से अधिक डेलीगेट्स इस सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे। यह आयोजन शोध के साथ-साथ जबलपुर के पर्यटन को भी गति देगा, जहाँ चिकित्सक भेड़ाघाट और कान्हा-पेंच जैसे स्थलों का भ्रमण करेंगे। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. शिशिर चनपुरिया, डॉ. रानू तिवारी मिश्रा, डॉ. राजेश महोबिया, डॉ. राधिका नंदवानी, डॉ. भरत पुनासे, डॉ. हरजीत कौर बंसल, डॉ. नीरज सचदेवा, डॉ. कुलदीप बजाज, डॉ. बी.एस. यादव, डॉ. रश्मि नायक, डॉ. अमित वर्मा, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. फराह जलाली, डॉ. संजीव सिंह, डॉ. सुरेश सूझकार, डॉ. मनीष सूलिया, डॉ. अर्चना श्रीवास्तव और डॉ. ज्योति प्रियदर्शनी की टीम सक्रिय रूप से जुटी हुई है। यह सम्मेलन स्थानीय रेजिडेंट डॉक्टरों और छात्रों के लिए वैश्विक स्तर की पद्धतियों को समझने का एक स्वर्णिम अवसर साबित होगा।

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