इंदौर हादसे के बाद अब नर्मदा में मिल रहे सीवेज पर सियासत तेज
जबलपुर। इंदौर में जहरीले पानी के सेवन से हुई दुखद मौतों के बाद अब प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी की शुद्धता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने जबलपुर के गौरी घाट में मिल रहे सीवेज के पानी का मुद्दा उठाते हुए सोशल मीडिया पर सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है कि पवित्र नदी में गंदे नालों का पानी सीधे मिल रहा है, जो जनस्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।
दिग्गी ने महापौर से की अपील
दिग्विजय सिंह ने अपनी पोस्ट में विशेष रूप से इस बात का जिक्र किया है कि जबलपुर के गौरी घाट में जिस स्थान पर सीवेज का पानी नर्मदा में मिल रहा है, उससे कुछ ही दूरी पर 'ललपुर पेयजल सप्लाई प्लांट' का इनपुट पॉइंट स्थित है। इसी प्लांट के जरिए शहर के एक बड़े हिस्से में पीने के पानी की सप्लाई की जाती है। सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते गंदे पानी को नदी में मिलने से नहीं रोका गया, तो जबलपुर में भी इंदौर जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इस संवेदनशील मामले को लेकर उन्होंने महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' से भी संज्ञान लेने की अपील की है। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि प्रशासन को तुरंत इस सीवेज लाइन को डायवर्ट करना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो। गौरतलब है कि नर्मदा संरक्षण के तमाम दावों के बावजूद शहर के कई नालों का पानी अब भी सीधे नदी में गिर रहा है, जिसे लेकर अब विपक्षी दल हमलावर नजर आ रहे हैं।
