जबलपुर। महाधिवक्ता कार्यालय के 157 लॉ ऑफिसरों की नियुक्तियों के संबंध में बीते सप्ताह जारी हुई सूची को चुनौती देने वाली याचिका पर हाई कोर्ट में 9 जनवरी को सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मंगलवार को यह निर्देश दिए। मप्र हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सह सचिव योगेश सोनी की ओर से दायर इस याचिका में बीते 25 दिसंबर को प्रदेश सरकार के विधि और विधायी कार्य विभाग द्वारा जारी की गई सूची पर सवाल उठाए गए हैं। याचिका के अनुसार वर्ष 2013 की राजपत्र अधिसूचना में सरकारी वकीलों की नियुक्ति के लिए स्पष्ट और निर्धारित प्रक्रिया तय की गई है, लेकिन हाल ही में जारी सूची में उसका स्पष्ट उल्लंघन किया गया है, जो असंवैधानिक है।
क्या है याचिका में
आरोप यह भी है कि लॉ ऑफिसरों के पद पर नियुक्ति को लेकर वकीलों से आवेदन तो बुलाए गए, लेकिन यह कहीं भी नहीं बताया गया कि उन आवेदनों की जांच, मूल्यांकन और शॉर्टलिस्टिंग किस आधार पर की गई। इन आधारों पर हाई कोर्ट से दखल की राहत चाही गई है। मंगलवार को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने मामले पर त्वरित सुनवाई की प्रार्थना की। याचिकाकर्ता की ओर से बताए गए तथ्यों के मद्देनजर बेंच ने मामले को 9 जनवरी को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।
