जबलपुर। शहर के सिंधी कैंप क्षेत्र में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों की खबरों को प्रशासन और आबकारी विभाग ने पूरी तरह निराधार करार दिया है। सहायक आबकारी आयुक्त संजीव कुमार दुबे ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर चल रहे दावे तथ्यों से परे और भ्रामक हैं। पुलिस और विभाग की संयुक्त जांच में यह पुष्टि हुई है कि क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों में जहरीली शराब (मिथाइल अल्कोहल युक्त) से संबंधित एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया है।
जांच रिपोर्ट: बीमारी और अत्यधिक सेवन को माना मुख्य कारण
आबकारी विभाग की विशेष टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर मृतकों के परिजनों और स्थानीय निवासियों के बयान दर्ज किए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिन व्यक्तियों की मृत्यु हुई, वे लंबे समय से शराब की लत के शिकार थे। परिजनों के अनुसार, उनकी मौत का वास्तविक कारण पुरानी बीमारियाँ, अत्यधिक शराब पीने से बिगड़ा स्वास्थ्य, दुर्घटनाएं या व्यक्तिगत कारण रहे हैं। विभाग ने सिंधी कैंप स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान के स्टॉक और दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की, जिसमें कोई भी अनियमितता या अवैध सामग्री नहीं पाई गई।
दुकान स्थानांतरण की तैयारी और अवैध व्यापार पर कार्रवाई
स्थानीय जनता की भावनाओं और क्षेत्र की सघनता को देखते हुए, प्रशासन ने विवादित मदिरा दुकान को वहां से हटाने का निर्णय लिया है। दुकान को किसी अन्य गैर-विवादास्पद स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके साथ ही, अवैध मदिरा के खिलाफ विभाग सख्त रुख अपनाए हुए है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक हनुमानताल और आसपास के क्षेत्रों में 180 अदालती प्रकरण दर्ज किए गए हैं। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर पर भरोसा न करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।
