दमोह. एमपी के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में 24 जनवरी शनिवार की सुबह एक नगर पालिका के कुएं से एक महिला और उसके तीन माह के बेटे का शव बरामद किया गया है। महिला अपने भाई की तेरहवीं में शामिल होने के लिए तेंदूखेड़ा आई थी। परिजनों ने बताया महिला बीमार थी और उसकी झाडफ़ूंक भी कराई थी।
नगर पालिका के कर्मचारियों ने वार्ड क्रमांक 1 स्थित कुएं में शवों को देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी रविंद्र बागरी मौके पर पहुंचे और दोनों शवों को कुएं से बाहर निकलवाया।
भाई की तेरहवी में आई थी
मृतका की पहचान झरौली गांव निवासी 35 वर्षीय जयंती पति दुर्गा केवट और उसके तीन माह के बेटे देवांश के रूप में हुई। मृतक की दादी सिया रानी ने पुष्टि की कि वह अपने भाई की तेरहवीं में शामिल होने आई थी। जयंती कल रात से लापता थी। सुबह यह सब हो गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना का कारण अभी अज्ञात है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मृतका का पति एक मजदूर है। जानकारी के अनुसार, महिला पिछले पांच साल से बीमार थी और उसके दो बच्चों की पहले भी मौत हो चुकी है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
5 साल से बीमार, झाडफ़ूंक कराई
जिस वार्ड में यह घटना हुई है वहां सबसे अधिक केवट समाज के लोग रहते हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बताया कि महिला पिछले 5 साल से बीमार थी, जिसका इलाज चल रहा था। कुछ स्थानों पर जाकर झाडफ़ूंक भी कराई थी। महिला रात में उठकर चिल्लाने लगती थी। लगातार इलाज के बाद कुछ सुधार नहीं हो रहा था। शनिवार सुबह उसका और बेटे का शव कुएं में मिला है।
जबलपुर में चल रहा था इलाज
तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर ने बताया की एक महिला और उसके बेटे का शव कुएं में मिला है। महिला की पहचान जयंती केवट के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि कहना है महिला रात में घर पर थी सुबह लापता हुई और खोजबीन के बाद उसका शव कुएं में मिला है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने यह भी बताया है कि महिला बीमार रहती थी, जिसका इलाज जबलपुर में चल रहा था।
