जबलपुर। शहर के कोतवाली इलाके की बड़कुल होटल में शुरू हुआ एक मामूली विवाद अब बड़े पुलिसिया विवाद में तब्दील हो गया है। जैन समाज पर की गई अभद्र टिप्पणी और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर जैन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को समाज के सैकड़ों लोग घायलों के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
विवाद की जड़: ठंडी भजिया और अभद्र टिप्पणी
पूरा मामला कल बड़कुल होटल से शुरू हुआ, जहाँ होटल मैनेजर और एक ग्राहक के बीच ठंडी भजिया परोसने को लेकर बहस हुई थी। आरोप है कि इस मामूली विवाद के दौरान होटल मैनेजर ने जैन समाज को लेकर अत्यंत अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी कर दी। इस खबर के फैलते ही जैन समाज के लोग आक्रोशित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।जैन समाज ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में दोषी पुलिसकर्मियों और आरोपियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्याय के लिए कोर्ट की शरण लेंगे।
पुलिस बर्बरता के आरोप और 24 घंटे का अल्टीमेटम
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया, जिसे जैन समाज ने बर्बरता करार दिया है। एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने जानबूझकर लाठीचार्ज किया और लाठीचार्ज में घायल हुए लोगों को पुलिस ने इलाज उपलब्ध कराने से मना कर दिया।समाज ने मांग की है कि लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
