18 वर्ष की उम्र में भी जीवित है लंगड़ी बाघिन, पेंच टाइगर रिजर्व में चहलकदमी करते दिखी

 

सिवनी। एमपी के सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान लंगड़ी बाघिन पर्यटकों को चहलकदमी करती हुई दिखाई दी। यह बाघिन अब मध्यप्रदेश के नेशनल पार्कों में सबसे अधिक उम्र-दराज बाघिन बन गई है। अभी भी जीवित अवस्था में है। पर्यटकों ने उसे देखकर उत्साह व्यक्त किया।                                                                   
                                पेंच नेशनल पार्क के अधिकारियों ने बताया कि आमतौर पर बाघिनों की उम्र 12 से 14 साल होती है। हालांकि पेंच की लंगड़ी बाघिन 18 साल की हो चुकी है। वह शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद जीवित है और जंगल में घूम रही है। कुछ साल पहले उसके नजर न आने पर उसकी मौत की अफवाहें उड़ी थीं लेकिन वह अपने पुराने क्षेत्र कर्माझिरी में लौट आई है। अक्टूबर माह में और अब फिर से वह पर्यटकों को नजर आई है, जिसके ताजा फोटो और वीडियो भी सामने आए हैं। इस बाघिन को वर्ष 2008 में पहली बार पर्यटकों और गाइडों ने देखा था। उसके सामने के एक पैर के पंजे को अजीब तरीके से रखने के कारण उसे श्लंगड़ीश् नाम दिया गया था। इसका रिकॉर्ड पेंच नेशनल पार्क के दस्तावेजों में भी दर्ज है। पेंच नेशनल पार्क प्रबंधन के अनुसारए लंगड़ी बाघिन पार्क की प्रसिद्ध कॉलर वाली बाघिन की बहन है। जिस बाघिन ने कॉलर वाली बाघिन को जन्म दिया थाए उसी ने वर्ष 2008 में लंगड़ी बाघिन को भी जन्म दिया था। वर्ष 2005 में जन्मी कॉलर वाली बाघिन की 17 वर्ष की आयु में वर्ष 2022 में मौत हो गई थी। वहीं 2008 में जन्मी लंगड़ी बाघिन वर्ष 2026 में भी जीवित है। जिससे उसने अपनी बहन का रिकॉर्ड तोड़कर मध्यप्रदेश में सबसे अधिक उम्रदराज बाघिन का कीर्तिमान स्थापित किया है।


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