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ई-ट्राइसाइकिल की बैटरी में धमाके के साथ ब्लास्ट, जिंदा जला दिव्यांग टीचर

 बैतूल। एमपी के बैतूल स्थित सारनी में उस वक्त अफरातफरी व चीख पुकार मच गई। जब ई-ट्राइसाइकिल में धमाके के साथ ब्लास्ट हो गई। हादसे में साइकिल में सवार टीचर सुनील कु मार लोखंडे जिंदा जल गया। हादसा देर रात जय स्तम्भ चौक के पास हुआ है। 

                                 पुलिस के अनुसार सारनी निवासी सुनील कुमार पिता बलीराम लोखंडे दिव्यांग था, जिसे करीब ढाई साल पहले नगर पालिका द्वारा ई-ट्राइसाकिल दी गई थी। जिसपर चलकर वह घर घर जाकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। बीती रात वह साइकिल से अपने घर जाने के लिए निकला, जब वह जय स्तम्भ चौक से आगे बढ़ रहा था, इस दौरान ट्राइसाकिल की बैटरी में धमाके के साथ ब्लास्ट हुआ और साइकिल में आग लग गई। जिसकी चपेट में आकर सुनील कुमार जिंदा जल गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए, जिन्होने देखा कि ट्राइसाइकिल में आग लगी थी, जिसमें बैठा सुनील कुमार धू-धू कर जल रहा है। लोगों ने पानी डाल-डालकर आग बुझाते हुए पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया है। 

ट्यूशन पढ़ाकर खर्च चलाता था-

मृतक के भाई राजेश ने बताया कि भाई सुनील ने इंजीनियरिंग की थी। वह दो भाइयों में छोटा था। बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्च चलाता था।

बीई की पढ़ाई के दौरान विकलांगता आई थी-

सुनील बचपन से दिव्यांग नहीं था। बीई की पढ़ाई के दौरान विकलांगता आने लगी थी। जोड़ों का लिक्विड सूखने लगा था। इस वजह से उठने-बैठने और चलने में दिक्कत होने लगी थी। करीब 15 साल पहले वह दिव्यांग हो गया। सुनील की शादी नहीं हुई थी।

स्वनिधि योजना के तहत मिली थी ट्राइसाइकिल-

जिस ट्राइसाइकिल से यह हादसा हुआ वह ढाई साल पहले स्वनिधि योजना के तहत नगरपालिका की ओर से दी गई थी। उसमें कभी कोई समस्या नहीं रही। रात को अचानक ऐसा क्या हुआ यह परिवार को भी समझ नहीं आ रहा है। लोगों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि बैटरी ब्लास्ट के कारणों का पता चल सके।


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