अफगानी घुसपैठिए और कलेक्ट्रेट के क्लर्क को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका


जबलपुर
। मप्र हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर भारत में अवैध रूप से रह रहे अफगानी नागरिक और उसकी मदद करने वाले कलेक्ट्रेट में पदस्थ क्लर्क को कड़ा झटका दिया है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।जानकारी के अनुसार, एटीएस ने पिछले दिनों जबलपुर के ओमती इलाके में छापामार कार्रवाई कर शोबत खान नामक एक अफगानी नागरिक को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी शोबत खान फर्जी पासपोर्ट और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के सहारे शहर में छिपकर रह रहा था। एटीएस की रेड में इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था।

कलेक्ट्रेट क्लर्क ने की थी घुसपैठिए की मदद

​इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा कलेक्ट्रेट में पदस्थ क्लर्क दिनेश गर्ग को लेकर हुआ था। दिनेश गर्ग पर आरोप है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शोबत खान सहित कई अन्य अफगानियों के फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। एटीएस ने जांच के बाद दिनेश गर्ग को भी सह-आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया था।

हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी के साथ ठुकराई जमानत

​आरोपी शोबत खान और क्लर्क दिनेश गर्ग की ओर से हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन पेश किया गया था। मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े तथ्यों को देखते हुए, हाईकोर्ट ने दोनों की दलीलें नामंजूर कर दीं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विदेशी घुसपैठियों की मदद करना और फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करना एक गंभीर अपराध है, जिसे देखते हुए जमानत का कोई आधार नहीं बनता।

Post a Comment

Previous Post Next Post