तेंदुआ की मौत की खबर मिलते ही वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए थे। जिन्होने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए डॉग स्क्वाड को भी बुलाया गया। आज वन्यजीव चिकित्सक ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। प्राथमिक जांच में डाक्टरों ने पाया कि यह शव करीब 10-12 वर्षीय नर तेंदुए का है। उसके सिर पर बाघ के दांत के निशान मिले हैं। जिससे उसकी मौत का कारण बाघ का हमला होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वन विभाग अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले 15 जनवरी को किसली वन परिक्षेत्र के साजानाला क्षेत्र में एक मादा तेंदुए का शव मिला था। उस मामले की जांच के बाद पार्क प्रबंधन ने बाघ के साथ हुए संघर्ष में तेंदुए की मौत की पुष्टि की थी। एक ही माह में तेंदुओं की दो मौतों ने वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकिए वन्यजीव विशेषज्ञ इसे जंगल में शिकारी प्रजातियों के बीच होने वाला स्वाभाविक संघर्ष बताते हैं। फिलहालए पार्क प्रबंधन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।
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