प्रशासन की चुप्पी पर भड़के ब्राह्मण संगठन विवादित IAS के खिलाफ खोला मोर्चा
जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की महिलाओं के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी और उन पर लगे अन्य गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई न होने से समाज में भारी रोष व्याप्त है। इस संबंध में भगवान श्री परशुराम वंशज और ब्राह्मण एकता मंच के बैनर तले पदाधिकारियों ने जबलपुर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम एक स्मरण पत्र सौंपा है।
आपराधिक मामला दर्ज करने और बर्खास्तगी की मांग
ज्ञापन के दौरान मंच के संरक्षकों और सदस्यों ने स्पष्ट किया कि संतोष वर्मा ने न केवल जातिगत रूप से महिलाओं को अपमानित किया है, बल्कि उन पर माननीय न्यायालय के फर्जी आदेश के सहारे पुनः सेवा प्राप्त करने जैसे गंभीर आरोप भी हैं। समाज का कहना है कि प्रमाण सार्वजनिक होने के बावजूद प्रशासन द्वारा ढुलमुल रवैया अपनाना समझ से परे है। मासिक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही संतोष वर्मा के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान ब्राह्मण समाज के प्रबुद्ध जन और मंच के पदाधिकारी उपस्थित रहे। पंडित योगेन्द्र दुबे (संरक्षक, ब्राह्मण एकता मंच),पंडित राम दुबे,पंडित अटल उपाध्याय,पंडित विवेक शुक्ला,कपिल दुबे,अरविंद दुबे,सुनील उपाध्याय,जीपी द्विवेदी वराहुल पांडेय की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
