ड्यूटी छोड़ समाज के कार्यक्रम में पहुंचा रनिंग स्टाफ, कई गुड्स ट्रेन हुई लेट, जबलपुर मुख्यालय घटना पर गंभीर

जबलपुर/कोटा. पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा में पदस्थ रनिंग स्टाफ द्वारा आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम का सीधा असर रेल परिचालन पर देखने को मिला। मीणा समाज के रनिंग स्टाफ के कार्यक्रम के चलते कई लोको पायलट (ड्राइवर) समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, जिसके कारण मालगाडिय़ों के संचालन में देरी हुई। यह आयोजन रविवार को हुआ था. गाडिय़ों की लेटलतीफी की जानकारी पमरे मुख्यालय जबलपुर पहुंची, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम पर गंभीर रुख अपनाते हुए रिपोर्ट मांगी गई है.

मालगाडिय़ों के थमे पहिये, हुई जबरन बुकिंग

सूत्रों के मुताबिक इस कार्यक्रम में शामिल होने के कारण लोको पायलट, एएलपी की अनुपस्थिति से स्थिति बिगडऩे लगी। काफी देर तक मालगाडिय़ां स्टेशनों पर खड़ी रहीं। मामला बिगड़ता देख अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया और सभी संबंधित स्टाफ को जबरन बुक कर काम पर भेजा।

अफसरों पर लग रहे भाई-भतीजावाद के आरोप

खबरों के मुताबिक कई रसूखदार कर्मचारियों को उच्च अधिकारियों की औपचारिक स्वीकृति के बिना ही स्पेशल लीव दे दी गई। बताया जाता है कि भाई-भतीजावाद के चलते करीब आधा दर्जन लोको पायलटों की सागर रूट की एलआरडी (लर्निंग रोड) ड्यू हो गई है। ड्यूटी पर बुक होने के बावजूद उन्हें एलआरडी के लिए नहीं भेजा गया, जिसका खामियाजा अन्य कर्मचारियों को अतिरिक्त काम के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

पमरे मुख्यालय जबलपुर ने जताया सख्त रुख

सूत्रों के मुताबिक सामाजिक कार्यक्रमों के चलते रेल संचालन में हुई लेटलतीफी की घटनाओं को पमरे मुख्यालय प्रशासन जबलपुर ने सख्त रुख अपनाते हुए, समय पर ड्यूटी नहीं पहुंचने वाले स्टाफ पर कार्रवाई करने को कहा है, साथ ही इस मामले में अधिकारियों ने सतत् रेल संचालन के लिए क्या कार्रवाई की, इसकी भी जानकारी मांगी है.


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