जबलपुर. रेलवे नई परियोजनाओं के अंर्तगत अधोसरंचना निर्माण कार्यो को गति प्रदान के लिए कृतसंल्कपित है। पश्चिम मध्य रेल में भी न्यू रेललाईन, दोहरीकरण एवं तिहरीकरण जैसे विभिन्न अधोसंरचना के निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण करने के निरंतर प्रयास जारी है। इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेल पर रीवा-सीधी-सिंगरौली अधोसरंचनात्मक निर्माण रेल परियोजनाओं को महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय के सतत निगरानी में तेज गति के साथ किया जा रहा है। 30 जनवरी शुक्रवार को महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय द्वारा इस रेलखण्ड पर निर्माणाधीन सोन ब्रिज तथा संबंधित ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ब्रिज लेआउट ड्राइंग, गर्डर, स्पान संरचना, ब्रिज बेरिंग, प्लेट, चैनल स्लीपर, चेयर प्लेट सहित विभिन्न तकनीकी एवं संरक्षा से जुड़े पहलुओं का गहनता से परीक्षण किया गया।
गौरतलब है कि 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर-सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना के तहत पश्चिम मध्य रेल के क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत आने वाले रीवा-सीधी-सिंगरौली (163 किमी) नई रेल लाइन परियोजना में भी रीवा-सीधी रेलखण्ड पर तीव्र गति से निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह परियोजना पश्चिम मध्य रेलवे की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। इसके पूर्ण होने पर रीवा–सीधी रेलखंड पर यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा क्षेत्र के व्यापार, उद्योग एवं रोजगार के अवसरों को नया आयाम मिलेगा। परियोजना के अंतर्गत पुल निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता की सामग्री एवं आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे संरचना की दीर्घकालिक मजबूती एवं संरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
परियोजना के प्रमुख लाभ
- तेज माल परिवहन: मालगाडिय़ों की गति एवं परिचालन क्षमता में वृद्धि।
- सुगम आवागमन: रीवा, सीधी एवं आसपास के जिलों व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए निर्बाध रेल संपर्क।
- राजस्व में वृद्धि: परिचालन समय में कमी से रेलवे के राजस्व में बढ़ोतरी।
- बेहतर कनेक्टिविटी: रीवा से सीधी तक सीधी एवं सुगम रेल कनेक्टिविटी।
- आर्थिक विकास: क्षेत्रीय उद्योग, व्यापार एवं रोजगार को प्रोत्साहन।
निरीक्षण के दौरान मुख्यालय से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्री एम.एस. हाश्मी, निर्माण विभाग एवं अन्य संरक्षा विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही जबलपुर मंडल से अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री आनंद कुमार, वरिष्ठ मंडल अभियंता सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी निरीक्षण में सम्मिलित रहे।

