
जबलपुर. रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर एक युवक को झांसा देकर लगभग डेढ़ लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिये जाने का एक सनसनीखेज मामला रांझी क्षेत्र में सामने आया है। युवक की शिकायत पर पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
बताया जाता है कि रांझी थाना क्षेत्र निवासी एक युवक को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4 लोगों ने उससे 1 लाख 44 हजार 441 रुपए ऐंठ लिए। इस दौरान उक्त आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया, लेकिन जब पीडि़त को हकीकत पता चली तो उसने पुलिस अधिकारियों को अपनी पीड़ा बताई, जिसके बाद धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई है।
पुलिस के अनुसार रांझी निवासी 24 वर्षीय दीपक कुमार नामदेव ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत में उसने बताया कि उनके घर के पास लगे एक पोस्टर में उन्होंने रेलवे में नौकरी दिलाने संबंधी जानकारी देखी थी। इसके बाद पोस्टर में लिखे एक नम्बर पर दीपक ने सम्पर्क किया तो आदित्य सिंह नामक एक व्यक्ति ने बातचीत की और रेलवे में टेंडर वाली संविदा आधार की भर्ती परीक्षा कानपुर में होने की जानकारी भी दी।
कानपुर पहुंचने को कहा
पीडि़त ने बताय कि वह अपने पिता के साथ बीते वर्ष 18 अगस्त को कानपुर पहुंचा। जहां उसे आदित्य ने अपने ऑफिस में बैठाकर इंडियन रेलवे मैन पावर ग्रुप दिल्ली का एक फॉर्म भरवाया। इस दौरान रजिस्ट्रेशन व ड्रेस के नाम पर 2750 रुपए भी लिए गए। इतना ही नहीं नौकरी के लिए लगभग डेढ़ लाख रुपए अधिकारियों को देने की बात कही गई। तत्पश्चात 1 सितम्बर को दस्तावेज एवं 5500 रुपए ऑनलाइन मांगे गए। यह राशि भी दीपक ने दे दी और कुछ दिनों बाद पुन: 34600 रुपए लेकर मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे का अपॉइंटमेंट लेटर भेज दिया गया।
फर्जी काल लेटर का पता लगा
पीडि़त ने बताया कि रुपए लेने के बाद उससे आगे की प्रक्रिया ट्रेनिंग ऑफिसर अतुल सिंह द्वारा लेने के लिए सम्पर्क करने की बात कही गई। इसके बाद अतुल ने भी धीरे-धीरे कर दीपक से 95 हजार रुपए ले लिए। इसके उपरांत उसे भारत सरकार रेल मंत्रालय का ट्रेनिंग के लिए एक सर्टिफिकेट भेजा गया। ज्वॉइनिंग न होने पर दीपक ने रकम वापस मांगी तो उससे आवेदन लिखवाया गया, जिसके उपरांत सुमित मिश्रा का फोन आया और उसने भोपाल से बातचीत करने व बैंकिंग तथा कैंसिलेशन चार्ज के नाम पर 6691 रुपए ऑनलाइन ले लिए। इतना ही नहीं आशीष सिंह और राहुल सिंह ने भी इस दौरान रुपए ऐंठे, लेकिन बाद में यह पता चला कि उसके साथ नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी है।