पर्यटन की नई उड़ान: 'पीएम श्री हेली सेवा' से अब बादलों के पार सफर


फ्लाई ओला की टीम ने सेवा को बनाया अग्रणी, बड़ी संख्या में आ रहे सैलानी, जल्दी सेवा के विस्तार की तैयारी

जबलपुर। ​मध्यप्रदेश, जिसे कुदरत ने अपने हाथों से संवारा है, अब सैलानियों के लिए अपनी बाहें और फैला रहा है। जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में पर्यटन को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक दिव्य अनुभव बनाने के उद्देश्य से 'पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा' का आगाज हो चुका है। मुख्यमंत्री की इस दूरगामी पहल ने मध्यप्रदेश को देश का वह पहला राज्य बना दिया है, जिसने इंटर-स्टेट हेलीकॉप्टर टूरिज्म के जरिए आसमान से जमीन तक की दूरियों को समेट दिया है। 20 नवंबर से शुरू हुई यह सेवा केवल एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के इको-टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन के लिए एक मील का पत्थर है।

-​समय की बचत और श्रद्धा का संगम 

​अब श्रद्धालुओं को मैहर की सीढ़ियों तक पहुँचने या अमरकंटक की वादियों में नर्मदा के उद्गम को देखने के लिए लंबी और थकाऊ सड़क यात्रा की जरूरत नहीं होगी। इस सेवा ने जबलपुर को केंद्र बनाकर पर्यटन के नक्शे को छोटा कर दिया है। जबलपुर-अमरकंटक,जो सफर पहले घंटों में पूरा होता था, वह अब मात्र 1 घंटे की रोमांचक उड़ान में सिमट गया है। जबलपुर-मैहर, मां शारदा के दरबार में हाजिरी लगाना अब बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी बेहद सुगम हो गया है। जबलपुर-कान्हा व बांधवगढ़, वन्यजीव प्रेमियों के लिए टाइगर रिजर्व तक पहुँचना अब किसी एडवेंचर स्पोर्ट्स से कम नहीं होगा।

​- 'एंड टू एंड' कनेक्टिविटी

 इस सेवा की सबसे बड़ी खूबी इसका 'एंड टू एंड' पैकेज है। अक्सर पर्यटक फ्लाइट तो ले लेते हैं, लेकिन एयरपोर्ट से होटल या दर्शनीय स्थल तक जाने में उन्हें परेशानी होती है। पीएम श्री हेली सेवा ने इस चिंता को जड़ से खत्म कर दिया है।  'फ्लाई ओला' जैसी आधुनिक सुविधाओं के समावेश ने पर्यटकों के अनुभव को 'अद्भुत और अविस्मरणीय' बना दिया है।

​ -उड़ान से अर्थव्यवस्था और रोजगार को नई धार

​पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा ने पहले ही भोपाल से सतना, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो के बीच हवाई संपर्क को सुदृढ़ किया है। अब हेलीकॉप्टर सेवा के जुड़ जाने से यह नेटवर्क और भी सशक्त हो गया है। किफायती दरों और नियमित उड़ानों ने इसे आम आदमी की पहुँच में ला दिया है। इसका सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल, गाइड, स्थानीय हस्तशिल्प और परिवहन से जुड़े हजारों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। यह सेवा मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर विश्व पटल पर एक नई पहचान दिला रही है। मध्यप्रदेश अब सिर्फ 'टाइगर स्टेट' या 'हार्ट ऑफ इंडिया' ही नहीं, बल्कि 'हेली-टूरिज्म हब' के रूप में उभर रहा है। यह सेवा उन सभी के लिए एक निमंत्रण है जो समय की कमी के कारण कुदरत और आध्यात्म से दूर थे। 

-जो सोचा नहीं, वो सम्भव हुआ

​पीएम श्री हेली सेवा का अनुभव करने वाले यात्रियों के चेहरे की मुस्कान इस योजना की सफलता की कहानी खुद बयां कर रही है। सफर कर लौटे श्रद्धालुओं ने भावुक होते हुए कहा, हमने कभी नहीं सोचा था कि मैहर वाली माता के दर्शन इतनी सुगमता से हो जाएंगे। घंटों की थकान अब मिनटों के रोमांच में बदल गई है। युवा पर्यटकों के लिए यह बादलों के ऊपर से मध्यप्रदेश को निहारने का एक जादुई अनुभव रहा। उनका कहना है कि फ्लाई ओला की बेहतरीन सर्विस और किफायती किराए ने हवाई सफर के वीआईपी कल्चर को खत्म कर इसे आम आदमी की सवारी बना दिया है। यात्रियों ने इसे अद्भुत, ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि विंध्य की पहाड़ियों और घने जंगलों को आसमान से देखना किसी सपने के सच होने जैसा है।

अच्छे रिस्पांस से हौसला बढ़ा

इस सेवा को लगातार अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है,जिससे हम उत्साहित हैं। यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए हम सतत प्रयासरत हैं। हमारी टीम ग्राउंड पर पूरी शिद्दत से काम कर रही है। 

जितेंद्र कुमार राय,बीडीएम, फ्लाईओला


Post a Comment

Previous Post Next Post