जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री कर्मचारी एवं पेंशनर्स व्यापक स्वास्थ्य आश्वासन योजना के दायरे को बढ़ाकर इसमें सभी संवर्गों को शामिल करने की पुरजोर मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव और महामंत्री जितेंद्र सिंह ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग को एक विस्तृत सुझाव पत्र प्रेषित किया है। पत्र में आग्रह किया गया है कि योजना का लाभ केवल कुछ वर्गों तक सीमित न रखकर इसे सर्वव्यापी बनाया जाए, ताकि शासन के सभी अंगों में कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षा मिल सके।
इन संवर्गों और आश्रितों को जोड़ने का सुझाव
संघ की ओर से दिए गए सुझाव में प्रमुख रूप से पंचायत सचिव, सह-सचिव, निगम मंडल, स्वशासी महाविद्यालय, स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को शामिल करने की बात कही गई है। इसके साथ ही, स्थायी कर्मी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को भी इस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने की मांग की गई है। एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल के रूप में, संघ ने सुझाव दिया है कि कर्मचारियों के बालिग आश्रित विकलांग बच्चों को भी इस योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं में जोड़ा जाना चाहिए।
मेडिकल अवकाश और पेंशनरों के लिए विशेष प्रावधान की मांग
प्रदेश प्रवक्ता अनिल भार्गव (वायु) ने बताया कि संघ ने तकनीकी सुधारों की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती कर्मचारी का प्रमाण-पत्र सॉफ्टवेयर के माध्यम से सीधे प्राप्त होना चाहिए, जिसके आधार पर मेडिकल अवकाश की स्वीकृति की प्रक्रिया सरल हो सके। वहीं, जबलपुर जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय सहित अन्य पदाधिकारियों ने पेंशनरों के हितों की पैरवी करते हुए मांग की है कि उन्हें भी नियमित कर्मचारियों की तरह चार चरणों (फोर स्टेज) में कटौती के प्रावधानों के साथ योजना का लाभ दिया जाए। इस मांग का समर्थन करने वालों में देवेंद्र पचौरी, आलोक अग्निहोत्री, योगेन्द्र मिश्रा, राजा राम डेहरिया, अर्जुन सोमवंशी, विनय नामदेव, सुशील गुप्ता, अरुण पटेल, सतीश उपाध्याय, जी.पी. द्विवेदी और रवि बांगड़ प्रमुख रूप से शामिल हैं। संघ ने शासन से अपील की है कि इन सुझावों पर विचार कर जल्द से जल्द आदेश जारी किए जाएं।
