किसानों ने खून से लिखकर बताया दर्द,क्या अब पसीजेगा सिस्टम,देखें वीडियो


शहपुरा में किसानों का अनोखा प्रदर्शन, भुगतान न मिलने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

जबलपुर। जिले के शहपुरा में किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन का एक अनोखा और भावुक तरीका अपनाया है। पिछले 6 महीनों से मूंग और उड़द की फसल का भुगतान न होने से नाराज किसानों ने अपने खून से मांग पत्र लिखकर प्रशासन को सौंपा। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में 32 किसानों के समर्थन के साथ एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।

 पैसा नहीं तो अनाज वापस करो


किसानों का आरोप है कि उन्होंने आधा साल पहले अपनी मूंग और उड़द की उपज सरकारी केंद्रों पर बेची थी, लेकिन आज तक उनके खातों में राशि नहीं पहुँची है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों में इस लेत-लतीफी को लेकर भारी आक्रोश है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि "यदि सरकार हमें हमारी मेहनत का दाम नहीं दे सकती, तो हमारा अनाज वापस कर दिया जाए।" किसानों का कहना है कि भुगतान न होने के कारण उनके सामने अगली फसल और घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है।

 गड़बड़ी करने वालों को भुगतान का आरोप

​प्रदर्शनकारी किसानों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि जिन लोगों पर अनियमितताओं के चलते एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी, उन्हें भुगतान कर दिया गया है, जबकि असली और पात्र किसान आज भी अपनी राशि के लिए भटक रहे हैं। किसानों ने बताया कि उनके दस्तावेजों का पटवारी और कृषि विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन भी किया जा चुका है, इसके बावजूद भुगतान की फाइलें अटकी हुई हैं।

सत्यापन के बाद भी अनदेखी, बड़े आंदोलन की तैयारी

​किसान संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण अन्नदाता खून के आंसू रो रहा है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद राशि का न मिलना विभाग की मंशा पर संदेह पैदा करता है। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यह खून से लिखा पत्र उनकी पीड़ा का अंतिम संदेश है। यदि एक निश्चित समय सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो पूरे जिले में उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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