कुंडम हॉस्टल कांड: 5 महीने बाद खुलासा, घटिया राशन बना छात्र की मौत का कारण
जबलपुर। कुंडम के हरदुली आदिवासी छात्रावास में पिछले साल 20 अगस्त को हुई छात्र राजाराम धुर्वे की मौत के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। लगभग पांच महीनों तक चली लंबी जांच के बाद फॉरेंसिक लैब और खाद्य विभाग की रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छात्र की मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि छात्रावास में परोसे गए विषाक्त और घटिया खाने की वजह से हुई थी। पुलिस जांच में पाया गया कि छात्रावास में इस्तेमाल होने वाले दाल, चावल, आटा और गेहूं सभी निम्न गुणवत्ता के थे। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन छात्रावास अधीक्षक गजेंद्र झारिया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
अधीक्षक की लापरवाही: जबरन खिलाया जाता था खराब खाना
जांच के दौरान छात्रावास के प्रबंधन को लेकर बेहद गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जुलाई माह में तैनात हुए अधीक्षक गजेंद्र झारिया न तो नियमित रूप से छात्रावास में रहते थे और न ही बच्चों की देखरेख करते थे। गवाहों और साक्ष्यों से पता चला है कि अधीक्षक स्वयं बाजार से घटिया किस्म की खाद्य सामग्री खरीदकर लाते थे। इतना ही नहीं, वे रसोई कर्मचारियों पर इसी खराब सामग्री को पकाकर छात्रों को परोसने का अनैतिक दबाव भी बनाते थे। इसी लापरवाही और भ्रष्टाचार का खामियाजा छात्रों को अपनी सेहत से चुकाना पड़ा।
20 अगस्त की वह दर्दनाक घटना
बता दें कि 20 अगस्त को नौवीं कक्षा के छात्र राजाराम धुर्वे समेत 13 छात्रों की तबीयत खाना खाने के बाद अचानक बिगड़ गई थी। सभी को उल्टी-दस्त और बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राजाराम की हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर रेफर किया गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर बिसरा जांच के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट ने अब अधीक्षक की पोल खोल दी है।
